अयोध्या, 6 जून 2026:
राम मंदिर निर्माण के बाद देश-दुनिया के श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों के आकर्षण का केंद्र बनी अयोध्या अब आधुनिक आतिथ्य सुविधाओं के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाने जा रही है। सीएम योगी की पहल पर राम कथा पार्क के निकट 93.75 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य और अत्याधुनिक अति विशिष्ट अतिथि गृह का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। यह परियोजना धार्मिक पर्यटन और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनने की ओर अग्रसर है।
करीब 14,510 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित हो रहे इस विशाल परिसर में विभिन्न आधुनिक ब्लॉकों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें मुख्यमंत्री ब्लॉक (जी+4), आवासीय ब्लॉक (बी+जी+5), डार्मेट्री ब्लॉक (जी+5) और सर्विस ब्लॉक शामिल हैं। इसके साथ ही गार्ड रूम, टाइम ऑफिस, पास ऑफिस, इलेक्ट्रिकल सबस्टेशन, सेंट्रल लॉन, वॉटर फाउंटेन, स्टाफ एवं विजिटर पार्किंग, विद्युतीकरण और जलापूर्ति जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।

लोक निर्माण विभाग सीडी-2 के अधिशासी अभियंता उमेश चंद्र के अनुसार परियोजना के विभिन्न हिस्सों में निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ब्लॉक में चौथी मंजिल पर प्लास्टर तथा तीसरी और चौथी मंजिल पर एमईपी एवं लिफ्ट लगाने का कार्य जारी है। आवासीय ब्लॉक में बेसमेंट स्लैब का कार्य पूरा हो चुका है। डार्मेट्री ब्लॉक में पेंटिंग और बाहरी प्लास्टर का कार्य तेजी से चल रहा है।
इस अति विशिष्ट अतिथि गृह में वीवीआईपी आवास की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे राम मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आने वाले उच्च पदाधिकारियों, विशिष्ट व्यक्तियों तथा विशेष अतिथियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। बढ़ते वीवीआईपी आवागमन को देखते हुए यह परियोजना अयोध्या की आतिथ्य क्षमता को नई ऊंचाई प्रदान करेगी।
परिसर में सुंदर हरित क्षेत्र, आकर्षक वॉटर फाउंटेन, पर्याप्त पार्किंग और उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। परियोजना की गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जा रही है। हाल ही में डीएम शशांक त्रिपाठी ने भी निर्माण स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे। नवंबर 2027 तक पूरी होने वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना विशिष्ट अतिथियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ अयोध्या के समग्र विकास और उसकी वैश्विक पहचान को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।






