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Up News: अगर भाजपा को नहीं रोका तो ये आखिरी चुनाव होगा… अखिलेश का बड़ा हमला, 2027 से पहले चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

10 महीने में 14 आपत्तियों की रिपोर्ट का हवाला देकर बोले सपा प्रमुख- जब चुनाव आयुक्तों की ही नहीं सुनी जा रही तो आम आदमी का क्या होगा? अयोध्या में बुलडोजर कार्रवाई पर भी सरकार को घेरा

लखनऊ, 23 सितंबर 2026:

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) 2027 से पहले सियासी पारा चढ़ने लगा है। बुधवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निर्वाचन आयोग से लेकर भाजपा सरकार तक पर तीखे सवाल खड़े किए। उनका सबसे बड़ा निशाना चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली रही। अखिलेश ने आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों की ओर से पिछले 10 महीनों में 14 बार आपत्ति दर्ज किए जाने की मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया।

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर चुनाव आयोग के ही आयुक्तों की आपत्तियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है तो आम आदमी के अधिकारों का क्या होगा। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर स्थिति बताते हुए 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की देखरेख में नहीं कराने की मांग की। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इन रिपोर्टों पर सफाई देते हुए कहा है कि बहुसदस्यीय संवैधानिक संस्था में अलग-अलग राय और आंतरिक टिप्पणियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते हैं।

‘ये आपका आखिरी चुनाव हो सकता है’

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशें लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस बार भाजपा को नहीं रोका गया तो यह लोगों का आखिरी चुनाव साबित हो सकता है और भविष्य में वोट देने का अधिकार भी छिन सकता है। अखिलेश ने दावा किया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा समर्थक मतदाताओं के नाम चिह्नित कर मतदाता सूची से हटाए गए। उनका आरोप है कि शपथपत्र के साथ शिकायत किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई।

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अखिलेश ने सुल्तानपुर का उदाहरण देते हुए दावा किया कि एक ऐसे व्यक्ति के नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर करीब 100 मतदाताओं के नाम हटाने की अर्जी दी गई जो खुद हस्ताक्षर करना नहीं जानता था। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार एक बार में पांच से अधिक वोट हटाने की प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए, फिर भी बड़ी संख्या में नाम हटाने की कोशिश हुई।

‘चुनाव आयोग कठपुतली बनकर काम कर रहा’

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सत्ता के दबाव में काम कर रहे हैं। चुनावी संस्थाओं को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने यूपी के उपचुनावों में भी अधिकारियों की पोस्टिंग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। अखिलेश ने कहा कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से विपक्ष के मन में चुनावी निष्पक्षता को लेकर सवाल पैदा हुए हैं।

अयोध्या के बुलडोजर पर भी सरकार को घेरा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने अयोध्या में हालिया ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को भी मुद्दा बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर गरीबों और दुकानदारों को उजाड़ा जा रहा है। हालिया कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों की आपत्तियां सामने आई हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों को पहले नोटिस दिए गए थे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अयोध्या से आईं कुछ महिलाएं भी मौजूद थीं। प्रीति चौहान ने दावा किया कि उनका मकान चौड़ीकरण की जद में नहीं था फिर भी उसे गिरा दिया गया। नवंबर में बेटी की शादी होने के बावजूद उनका सामान व जेवर चले गए। सपना और पूनम गुप्ता ने भी दुकान खाली करने के लिए बेहद कम समय दिए जाने का दावा किया।

अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार बनने पर अयोध्या को विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार पर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, हत्या, लूट और राजधानी में डिजिटल फ्रॉड जैसे मुद्दों पर भी निशाना साधा।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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