MLC चुनाव में करारी हार के बाद अवनीश सिंह का बड़ा संदेश, बोले- जनादेश सिर माथे, संघर्ष नहीं रुकेगा
सपा की कांति सिंह से शिकस्त के बाद भाजपा प्रत्याशी एवं मौजूदा एमएलसी अवनीश कुमार सिंह ने कार्यकर्ताओं का बढ़ाया हौसला, अटल बिहारी वाजपेयी की कविता के जरिए दिया वापसी का संदेश

लखनऊ, 29 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) के लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) की प्रत्याशी कांति सिंह से करारी शिकस्त मिलने के बाद भाजपा प्रत्याशी एवं मौजूदा एमएलसी अवनीश कुमार सिंह की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। चुनाव परिणाम से निराशा के बीच उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावनात्मक संदेश साझा कर जनादेश को स्वीकार किया और कार्यकर्ताओं से निराश नहीं होने की अपील की। इसके साथ ही स्पष्ट किया कि चुनाव में हार से उनका जनसेवा का संकल्प कमजोर नहीं होगा।
‘जनादेश सिर माथे’, परिणाम से बड़ी मेहनत
अवनीश कुमार सिंह ने अपने संदेश में लिखा, ‘आशा थी, किन्तु चुनाव का परिणाम हमारे पक्ष में नहीं रहा। संविधान और लोकतंत्र में पूरा भरोसा रखने वाले भाजपा कार्यकर्ता के रूप में केवल यही कहूंगा- जनादेश सिर माथे!’ उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत लगी रहती है लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि चुनाव किस निष्ठा और विचार के साथ लड़ा गया।
उनके मुताबिक भाजपा और उनके लिए जनसेवा, विकास, शिक्षा तथा सामाजिक बेहतरी के मुद्दों को आगे बढ़ाने का संघर्ष लंबा है। अवनीश सिंह ने स्वीकार किया कि चुनाव परिणाम से चोट पहुंची है लेकिन सामाजिक क्षेत्र में लगातार बेहतर करने की इच्छा इससे भी बड़ी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि परिणाम चाहे जो हो उनका परिश्रम और लोगों से जुड़ाव जारी रहेगा।
अटल की कविता से कार्यकर्ताओं में भरा जोश
हार के बाद कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए अवनीश सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री और लखनऊ के लोकप्रिय सांसद रहे अटल बिहारी वाजपेयी की प्रसिद्ध कविता की पंक्तियां भी साझा कीं। उन्होंने लिखा, ‘हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा, काल के कपाल पर लिखता मिटाता हूं, गीत नया गाता हूं।’
उन्होंने सहयोगियों, मतदाताओं और कार्यकर्ताओं से शांत रहने, निराशा से बचने और मनोबल मजबूत बनाए रखने की अपील की। अवनीश सिंह ने कार्यकर्ताओं के परिश्रम और समर्पण को अपनी असली ताकत बताया।
प्रिय साथियो !
नमस्कार!
कल का दिन उथल-पुथल भरा था। आशा थी, किन्तु चुनाव का परिणाम हमारे पक्ष में नहीं रहा। संविधान और लोकतंत्र में पूरा भरोसा रखने वाले भाजपा कार्यकर्ता के रूप में केवल यही कहूंगा- “जनादेश सिर माथे!”
लोग कहते हैं, लोकतंत्र में हार-जीत लगी रहती है, ठीक भी है। महत्वपूर्ण यह है कि हमने किस निष्ठा और विचार के साथ चुनाव लड़ा। भाजपा और मेरे लिए जनसेवा विकास, शिक्षा और सामाजिक बेहतरी के मुद्दों को आगे ले जाने का लम्बा संघर्ष है।
निसंदेह चुनाव परिणाम ने चोट दी, परन्तु इस चोट से बड़ी वह कचोट है जो सामाजिक क्षेत्र में लगातार बेहतर करने के लिए मेरे मन में उठती है। थकना, रुकना या थमना यह भाजपा कार्यकर्ता के स्वभाव में नहीं। परिणाम से बड़ा है परिश्रम।परिणाम जो हो, मेरा परिश्रम, मेरा आप सबसे जुड़ाव, यह क्रम रुकने वाला नहीं है।
समय विपरीत हो या मन खराब हो तो घर के बड़े याद आते हैं…
आज अटल जी याद आ रहे हैं। हमारे लखनऊ के लोकप्रिय सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई जी की पंक्तियां मन में कौंध रही हैं-
हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा,
काल के कपाल पर लिखता मिटाता हूँ।
गीत नया गाता हूं।मेरे सभी सहयोगी सदस्यों, सम्माननीय मतदाताओं एवं कार्यकर्ताओं से मेरा विनम्र निवेदन है – शांत रहें, निराश न हों, मनोबल को कमजोर न पड़ने दें।
आपने जो परिश्रम, जो पसीना और जो समर्पण दिखाया है, वह अतुलनीय है। आपकी यह मेहनत व्यर्थ नहीं जाएगी। आप ही हमारी असली ताकत हैं। हम जनता के बीच थे, जनता के बीच हैं, और जनता के बीच ही रहेंगे। यह चुनाव खत्म हुआ है, संघर्ष नहीं। परिणाम बदलने पर भी मैं कहीं गया नहीं हूं। यही हूं आप सबके बीच। आपकी समस्याओं को सुनने और सुलझाने के लिए हमेशा की तरह तत्पर और उपलब्ध।
आप सभी का हृदय से आभार।
आपका अपना अवनीश
— Awanish Kumar Singh (@Awanish_Singh) October 29, 2026
‘चुनाव खत्म हुआ है, संघर्ष नहीं’
भाजपा नेता ने अपने संदेश में साफ किया कि चुनाव का परिणाम बदलने से जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। उन्होंने कहा कि वह पहले भी जनता के बीच थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे। लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए वह हमेशा उपलब्ध रहेंगे।
अवनीश सिंह के इस संदेश को चुनावी हार के बाद कार्यकर्ताओं को संभालने और जनता के बीच अपनी सक्रियता बनाए रखने के संकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।






