
बाराबंकी, 29 सितंबर 2026:
यूपी के बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से रामनगर के हेतमापुर में हालात बिगड़ गए हैं। नदी इस साल के अब तक के सबसे ऊंचे जलस्तर के करीब पहुंचने के साथ खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। तेज कटान के चलते बाबा नारायण दास धाम की दीवार से नदी सटकर बह रही है। धाम को बचाने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन से मजबूत इंतजाम की मांग की है।
धाम तक पहुंची सरयू, समाधियां नदी में समाईं
हेतमापुर में करीब एक महीने से सरयू लगातार कटान कर रही है। दिवंगत महंत उदित नारायण दास और उनकी पत्नी कुसुमावती की समाधियां पहले ही नदी में समा चुकी हैं। धाम के पास बना पशु चिकित्सालय भी कटान की चपेट में आ गया है। ग्रामीणों के मुताबिक अब नदी मंदिर की दीवार से सटकर बह रही है।
500 मीटर दूर थी नदी, अब धाम की दीवार से सटी
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ समय पहले तक बाबा नारायण दास धाम नदी से करीब 500 मीटर दूर था। लगातार कटान के चलते सरयू अब धाम तक पहुंच गई है। कटान रोकने के लिए डाली गईं सैकड़ों बोरियां समेत दूसरी सामग्री भी पानी के तेज बहाव में बह गई। इससे धाम को बचाने की चुनौती और बढ़ गई है।
दूरभाष केंद्र से घरों तक नदी में समाए
अब तक दूरभाष केंद्र, मंदिर, मस्जिद, उपस्वास्थ्य केंद्र समेत करीब 50 लोगों के घर नदी में समा चुके हैं। करीब एक सप्ताह तक जलस्तर शांत रहने के बाद शनिवार रात से फिर पानी बढ़ना शुरू हुआ। जलस्तर बढ़ने के साथ कटान ने भी रफ्तार पकड़ ली।
पानी बढ़ा तो कटान रोकना मुश्किल
ग्रामीणों का कहना है कि पानी कम रहने के दौरान कटान रोकने का काम प्रभावी तरीके से नहीं कराया गया। अब नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कटान पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों को डर है कि पानी और बढ़ा तो बाबा नारायण दास धाम को बचाना मुश्किल होगा। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते मजबूत इंतजाम नहीं किए गए तो धाम के साथ गांव में बचे मकानों को भी बचाना मुश्किल हो सकता है।

चार गांव चारों तरफ से पानी में घिरे
रामनगर क्षेत्र में सरयू के दूसरी ओर बसे पूरनपुर, फाजिलपुर, परशुरामपुर और जमका मजरे चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं। पूरनपुर में भी कटान जारी है। यहां पहले ही छह मकान नदी में समा चुके हैं। कई परिवार मकान खाली कर चुके हैं। अब लोग घर के साथ गृहस्थी का सामान सुरक्षित जगह पहुंचाने में जुटे हैं।
25 से ज्यादा गांवों में पहुंचा बाढ़ का पानी
सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के 25 से अधिक गांवों में सरयू का पानी पहुंच गया है। हाल में कटान से प्रभावित बबुरी गांव की तरफ भी पानी आबादी की ओर बढ़ रहा है। कोठीडीह, सिरौलीगंग, घुटरू, सरदहा, सनावा, भयकपुरवा, कहारनपुरवा, बघौलीपुरवा, टेपरा, सराय सुरजन, तेलवारी, गोबरहा और भैरवकोल समेत कई गांवों में पानी बढ़ने की सूचना है।
नदी के उस पार बसे गांवों में भी पानी
ग्रामीणों के अनुसार नदी के दूसरी तरफ बसे माझा रायपुर, बेहटा, पारा और परसवाल गांवों में भी पानी भर गया है। अलीनगर-रानीमऊ तटबंध में बघौलीपुरवा गांव के सामने रेनकट हो गया है। इससे तटबंध की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
106.770 मीटर पहुंचा जलस्तर, बाढ़ चौकियां अलर्ट
मंगलवार की सुबह 8 बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 106.770 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 106.070 मीटर है, यानी नदी 0.70 मीटर यानी 70 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। हाई फ्लड लेवल 107.616 मीटर दर्ज है। जलस्तर का ट्रेंड बढ़ता हुआ बताया गया है। एडीएम निरंकार सिंह ने बताया कि बढ़े जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे बनी बाढ़ चौकियों को अलर्ट रखा गया है। हेतमापुर में कटान रोकने के प्रयास जारी हैं।
3.68 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी का डिस्चार्ज
सरयू सिस्टम से कुल 3,68,589 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। इसमें गिरिजा बैराज से 1,64,038 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,77,133 क्यूसेक, सरयू बैराज से 8,298 क्यूसेक और सुहेली बैराज से 19,120 क्यूसेक पानी शामिल है। कुल डिस्चार्ज का ट्रेंड फिलहाल घटता हुआ दर्ज किया गया है।






