लखनऊ/नोएडा, 15 जून 2026:
यूपी के बहुप्रतीक्षित नोएडा (जेवर) इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने सोमवार को एक नया इतिहास रच दिया। एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल उड़ान सेवा की शुरुआत हुई। इस अवसर को यादगार बनाने के लिए एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन देने वाले 170 किसानों और कामगारों को विशेष विमान से लखनऊ बुलाया गया। लखनऊ पहुंचने पर इन किसानों का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर मुलायम की।
इंडिगो की एक विशेष फ्लाइट ने सोमवार सुबह लखनऊ से उड़ान भरकर जेवर एयरपोर्ट पर पहली बार लैंडिंग की। एयरपोर्ट पर विमान का पारंपरिक वाटर कैनन सलामी देकर स्वागत किया गया। इस फ्लाइट में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और उद्योग जगत से जुड़े लोग मौजूद थे। इसके बाद नोएडा से लखनऊ के लिए पहली उड़ान रवाना हुई जिसमें एयरपोर्ट परियोजना के लिए भूमि देने वाले 170 किसान और कामगार सवार थे। इनमें 20 महिला किसान भी शामिल रहीं।

लखनऊ पहुंचने पर किसानों ने खुशी जताते हुए कहा कि सात घंटे की सड़क यात्रा अब महज एक घंटे में पूरी हो गई। किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात को सम्मान की बात बताते हुए कहा कि वे राम मंदिर के दर्शन भी करेंगे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किसानों का स्वागत करते हुए लिखा कि अन्नदाता देश की समृद्धि के आधार हैं। प्रदेश के विकास में उनके योगदान का सम्मान करना सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं का अभिनंदन, समृद्ध भारत का वंदन की भावना के साथ प्रदेश सरकार किसानों की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आज लखनऊ के अलावा हैदराबाद और अमृतसर के लिए भी उड़ान सेवाएं शुरू हुईं। वहीं 16 जून से इंडिगो बेंगलुरु और जम्मू के लिए नियमित उड़ानें शुरू करेगी। अकासा एयर भी बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए दैनिक सेवाएं प्रारंभ करने जा रही है। आने वाले समय में बरेली, श्रीनगर, जयपुर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, चंडीगढ़, किशनगढ़ और देहरादून जैसे शहर भी इस एयरपोर्ट से जुड़ेंगे।

मालूम हो कि पीएम नरेंद्र मोदी ने गत 28 मार्च को इस एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। पहले चरण में लगभग 3,300 एकड़ क्षेत्र में टर्मिनल और रनवे का निर्माण किया गया है। इस पर करीब 11 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। चार चरणों में विकसित हो रहे इस एयरपोर्ट के पूर्ण होने पर यह एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का छठा सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की ओर अग्रसर है। यहां से प्रतिवर्ष लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों के यात्रा करने की क्षमता विकसित की गई है।






