
लखनऊ, 11 अगस्त 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर में स्वागत गेट लगाने और हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर की महंत दिव्या गिरी और स्थानीय भाजपा पार्षद रणजीत सिंह के बीच विवाद के बाद मंगलवार को महंत के समर्थकों ने मनकामेश्वर मंदिर से झूलेलाल वाटिका तक तिरंगा यात्रा निकाली। इस दौरान मंदिर परिसर में समर्थक जुटे और नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट हो गया।
बताया जा रहा है कि रविवार और सोमवार को पार्षद रणजीत सिंह की ओर से फेसबुक पर एक पोस्ट किया गया था। इसमें सावन के दौरान मंदिर मार्ग पर लगाए गए स्वागत गेट को लेकर आपत्ति जताई गई थी। आरोप लगाया गया कि स्वागत गेट की वजह से पार्षद और पूर्व मेयर का नाम दिखाई नहीं दे रहा था। सोशल मीडिया पोस्ट सामने आने के बाद महंत के समर्थकों ने इस पर आपत्ति जताई और मामला बढ़ता गया।
मंगलवार को समर्थकों के मंदिर परिसर में पहुंचने और नारेबाजी के बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मंदिर प्रशासन के साथ बैठक कर स्थिति को संभालने की कोशिश की। समर्थक मनकामेश्वर मंदिर से नगर निगम तक पैदल मार्च निकालने की मांग पर अड़े रहे। इसी बीच महंत दिव्या गिरी की एक शिष्या की ओर से हसनगंज थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
पार्षद बोले- प्रतिमा ढकने पर जताई आपत्ति
विवाद पर पार्षद रणजीत सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मनकामेश्वर मंदिर का एक स्थायी गेट पहले से बना हुआ है। उस पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित है। उनके मुताबिक इसी के सामने एक स्वागत गेट बनाया गया और इस दौरान गणेश जी की प्रतिमा ढक गई। पार्षद का कहना है कि उनकी आपत्ति इसी बात को लेकर थी कि गणेश जी की प्रतिमा को क्यों ढका गया।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर निगम से सवाल किया गया था क्योंकि स्वागत गेट का निर्माण नगर निगम की ओर से कराया गया था। रणजीत सिंह ने महंत दिव्या गिरी के खिलाफ किसी भी तरह की टिप्पणी या अभद्रता करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि महंत और उनके अनुयायियों की ओर से लगाए जा रहे आरोप निराधार और बेबुनियाद हैं।फिलहाल तहरीर और दोनों पक्षों के आरोपों के बीच पुलिस की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं।






