
लखनऊ, 20 अगस्त 2026:
यूपी में भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ है। बहराइच के पयागपुर से कांग्रेस के पूर्व विधायक मुकेश कुमार श्रीवास्तव के भाई और NRHM घोटाले के आरोपी रहे तत्कालीन CMO कार्यालय के लिपिक अजय कुमार श्रीवास्तव के लखनऊ और गोंडा स्थित तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। तलाशी में विजिलेंस को करीब 28 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति, निवेश और उससे जुड़े दस्तावेज मिले हैं।

विजिलेंस के मुताबिक खुली जांच में अजय कुमार श्रीवास्तव की ज्ञात आय के मुकाबले 763.65 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने की बात सामने आई थी। इसी आधार पर 2025 में विजिलेंस के अयोध्या सेक्टर थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना आगे बढ़ने पर कोर्ट से सर्च वारंट लेकर तीन टीमों ने गोंडा और लखनऊ में एक साथ धावा बोला।
लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में 108 कमरों वाला छह मंजिला होटल
सबसे बड़ा खुलासा लखनऊ के चिनहट क्षेत्र स्थित मिलेनिया रिजेन्सी होटल को लेकर हुआ है। गणेशपुर-रहमानपुर में स्थित छह मंजिला इस होटल में 108 कमरे हैं। विजिलेंस ने होटल के निर्माण पर करीब 15 करोड़ रुपये और साज-सज्जा व लग्जरी सुविधाओं पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है। यानी सिर्फ इस होटल में ही करीब 20 करोड़ रुपये के निवेश का आकलन किया गया है।
पटेलनगर में आरोपी और उसके भाई की पत्नियों के नाम पर तीन मंजिला मकान
इसके अलावा इंदिरानगर के पटेलनगर सेक्टर-8 में आरोपी और उसके भाई की पत्नियों के संयुक्त नाम पर तीन मंजिला मकान मिला। इसके निर्माण पर करीब 2 करोड़ रुपये और साज-सज्जा पर लगभग 70 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। करीब 50 लाख रुपये के अन्य निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं।

इंदिरानगर में 4000 वर्गफीट में बन रही तीन मंजिला इमारत
विजिलेंस को इंदिरानगर के ए-331 में करीब 4000 वर्गफीट में बन रही तीन मंजिला इमारत की भी जानकारी मिली है। यह संपत्ति आरोपी की पत्नी और उसके भाई की पत्नी के नाम बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये है।
गोंडा, बलरामपुर, बहराइच व श्रावस्ती में कृषि भूमि
जांच के दौरान गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती में कृषि भूमि के दस्तावेज भी मिले। विजिलेंस ने इन जमीनों का अनुमानित मूल्य करीब 3 करोड़ रुपये बताया है। बलरामपुर में 0.648 और 0.657 हेक्टेयर, जबकि श्रावस्ती में 0.121 हेक्टेयर भूमि समेत बहराइच में कई गाटों की जमीन के दस्तावेज मिले हैं।

गोंडा में आलीशान मकान हुआ सील
गोंडा के जानकीनगर स्थित मकान की तलाशी के दौरान आरोपी या परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। ऐसे में विजिलेंस ने मकान को सील कर दिया। इसकी निर्माण लागत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। मामला सिर्फ जमीन और होटल तक सीमित नहीं है। विजिलेंस को आरोपी के परिवार के सदस्यों के नाम से संचालित विभिन्न कंपनियों की भी जानकारी मिली है।
परिवार के सदस्यों के नाम कंपनियों की पड़ताल
अब इन कंपनियों के लेन-देन, निवेश और संपत्तियों में लगाए गए धन की अलग से पड़ताल होगी। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि करोड़ों की इन संपत्तियों की खरीद और निर्माण में पैसा कहां से आया और घोषित आय के मुकाबले इतनी बड़ी संपत्ति आखिर कैसे खड़ी हो गई। फिलहाल विजिलेंस की कार्रवाई ने भ्रष्टाचार से संपत्ति खड़ी करने के आरोपों की परतें खोल दी हैं। अब जांच का अगला फोकस 28 करोड़ रुपये की कथित अनानुपातिक संपत्ति के स्रोत और उसके वास्तविक मालिकाना हक पर रहेगा।






