Uttarakhand

Uttrakhand News : कैबिनेट मंत्री को जान का खतरा, पति के खिलाफ दर्ज कराया केस, लगाए ये गंभीर आरोप

शादी के समय पहली पत्नी की बात छिपाने, मारपीट और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल तक के आरोप, कंपनी के निदेशक पद से हटाने में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का भी दावा, बच्चों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता, मंत्री का भावुक वीडियो मैसेज वायरल

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 16 अक्टूबर 2026:

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए देहरादून के कैंट थाने में केस दर्ज कराया है। मंत्री ने मारपीट, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने, जान से मारने की धमकी देने, कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए कंपनी के निदेशक पद से हटाने सहित कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच कराने के साथ अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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शादी के समय पहली शादी छिपाने का आरोप

देहरादून में यमुना कालोनी चकराता रोड क्षेत्र के रहने वालीं रेखा आर्य उत्तराखंड सरकार की खेल मंत्री हैं। तहरीर के मुताबिक एफआईआर के मुताबिक उनका विवाह 6 जुलाई 2004 को उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू के साथ हुआ था। शादी के समय पति ने खुद को अविवाहित बताया था। बाद में उन्हें पता चला कि वह पहले से शादीशुदा था और उनके पहली शादी से बच्चे भी हैं। शिकायत के मुताबिक, बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्होंने उस समय परिवार को बचाने की कोशिश की।

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दूसरी महिलाओं से संबंधों के विरोध पर मारपीट का दावा

मंत्री ने आरोप लगाया कि पति के कथित तौर पर दूसरी महिलाओं से संबंधों को लेकर उनके बीच विवाद हुआ। शिकायत के अनुसार, शुरुआत में पति ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए मौखिक और लिखित रूप से माफी मांगी, लेकिन बाद में भी व्यवहार नहीं बदला। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकियां दी गईं।

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सरकारी आवास पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप

रेखा आर्य ने आरोप लगाया कि पति ने कई बार उनके सरकारी आवास पर मौजूद स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने खुद को अनुसूचित जाति का सदस्य बताते हुए इन घटनाओं की जांच कराने और संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग की है।

फर्जी हस्ताक्षरों से निदेशक पद से हटाने का आरोप

रेखा आर्य का ये भी कहना है कि कथित फर्जी हस्ताक्षरों और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों के रिकॉर्ड में उन्हें निदेशक पद से हटाया हुआ दिखाया गया। उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने कोई त्यागपत्र दिया और न ही संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कंपनी के रिकॉर्ड की जांच कराने के साथ हस्ताक्षरों का विधिक परीक्षण कराने की मांग की है।

ऑडियो रिकॉर्डिंग से हत्या की साजिश की आशंका

रेखा आर्य ने सबसे गंभीर आरोप एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग को लेकर लगाया गया है। रेखा आर्य का कहना है कि हाल ही में मिली इस रिकॉर्डिंग में उनके पति एक महिला से बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की साजिश से जुड़ी बातें करते सुनाई देते हैं। उन्होंने ऑडियो की प्रामाणिकता की जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा है कि जांच में आपराधिक साजिश के सबूत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

अपनी और बच्चों की सुरक्षा की मांग

रेखा आर्य ने अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई है। उन्होंने अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की है। मंत्री ने पुलिस से मामले की गंभीरता को देखते हुए जरूरी सुरक्षा इंतजाम करने, आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की मांग की है। इस बीच मंत्री रेखा आर्य का एक वीडियो मैसेज भी सामने आया है। जिसमें वो रोते हुए पूरी दास्तां बयां कर रहीं हैं।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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