Uttar Pradesh

चित्रकूट में रक्षा शक्ति का उदय: BEL को 75 हेक्टेयर भूमि, 562 करोड़ के निवेश से बनेगा हाईटेक डिफेंस हब

मुख्यमंत्री योगी ने सौंपा आवंटन पत्र, 300 से अधिक रोजगार, बुंदेलखंड में औद्योगिक क्रांति और आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बड़ा बल

लखनऊ, 8 अप्रैल 2026:

यूपी को रक्षा विनिर्माण के नक्शे पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के चित्रकूट नोड में 75 हेक्टेयर भूमि का आवंटन पत्र भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज जैन को सौंपा।

यह पहल चित्रकूट डिफेंस नोड के योजनाबद्ध विकास को गति देने के साथ बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक विस्तार और निवेश के नए द्वार भी खोलेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश को रक्षा निर्माण के क्षेत्र में एक सशक्त और विश्वसनीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि मध्य भारत में स्थित चित्रकूट अपनी बेहतरीन लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी और भौगोलिक अनुकूलता के कारण रक्षा उत्पादन का उभरता केंद्र बन रहा है।

इस परियोजना के तहत BEL लगभग 562.5 करोड़ का निवेश करते हुए अत्याधुनिक राडार और वायु रक्षा प्रणालियों के निर्माण के लिए एक उन्नत विनिर्माण इकाई स्थापित करेगा। यह इकाई न केवल हाई-टेक उत्पादन को बढ़ावा देगी बल्कि प्रदेश की औद्योगिक दक्षता और तकनीकी क्षमता को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

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परियोजना से 300 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। इसके साथ सहायक और एमएसएमई क्षेत्रों में अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा और पलायन में कमी आएगी।

सीएम योगी ने कहा कि यह परियोजना तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन के विकास, अनुसंधान और नवाचार को भी बढ़ावा देगी। इससे प्रदेश में आधुनिक औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में अहम कदम है।

इससे रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और आयात पर निर्भरता घटेगी। गौरतलब है कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान के लिए प्रसिद्ध चित्रकूट अब औद्योगिक रूप से भी नई पहचान गढ़ने की ओर बढ़ रहा है। यहां प्रस्तावित यह अत्याधुनिक रक्षा इकाई पारंपरिक विरासत और आधुनिक विकास के बीच संतुलन का नया उदाहरण पेश करेगी।

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