
देहरादून, 13 अगस्त 2026:
सऊदी अरब में लंबे समय से बंधक जैसी स्थिति में रह रहे टिहरी गढ़वाल के इंद्रमणि नौटियाल की सुरक्षित भारत वापसी के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने, नौटियाल को कानूनी और आर्थिक मदद दिलाने, साथ ही उन्हें सुरक्षित स्वदेश वापस लाने के लिए जरूरी कदम उठाने का अनुरोध किया है।

2018 में नौकरी के लिए गए थे सऊदी
टिहरी गढ़वाल के जौनपुर ब्लॉक के गौरसाड़ा गांव निवासी इंद्रमणि नौटियाल वर्ष 2018 में रोजगार के लिए सऊदी अरब गए थे। वह रियाद की पिकक रोड्स एंड कॉन्ट्रेक्टिंग कंपनी में ट्रक चालक के तौर पर काम कर रहे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी से एक गंभीर सड़क हादसा हो गया, जिसके बाद सऊदी की अदालत ने उन्हें एक साल की सजा सुनाई।
कंपनी पर लगा भारी जुर्माना, अब कर्मचारी पर दबाव
मामले में ट्रक के बीमा और पंजीकरण से जुड़ी कमियों के कारण अदालत ने कंपनी मालिक पर 9 लाख सऊदी रियाल का जुर्माना लगाया था। भारतीय मुद्रा में इसकी अनुमानित रकम करीब 2.29 करोड़ रुपये बताई गई है। आरोप है कि कई साल गुजरने के बाद भी कंपनी ने जुर्माना जमा नहीं किया। इसके बजाय इंद्रमणि नौटियाल पर ही भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें बंधक जैसी स्थिति में रखा गया है।
परिवार ने कई जगह लगाई गुहार
इंद्रमणि नौटियाल की पत्नी और बेटी ने उनकी वापसी के लिए कई स्तरों पर कोशिश की, लेकिन अब तक कोई ठोस मदद नहीं मिल सकी। परिवार का कहना है कि लंबे समय से इस वजह से उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

राज्य सरकार ने मानवीय आधार पर मदद की अपील
मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्री को भेजे पत्र में पूरे मामले का उल्लेख करते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत निर्देश देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि विदेश में कठिन हालात में फंसे उत्तराखंड के किसी भी नागरिक की मदद के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्रालय से मानवीय आधार पर प्रभावी हस्तक्षेप कर इंद्रमणि नौटियाल की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया है।






