
बिजनेस डेस्क, 30 सितंबर 2026:
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार सुबह कारोबार के दौरान मिला-जुला रुख दिखा। Sensex बढ़त में रहा, जबकि Nifty मामूली गिरावट के साथ 22,700 के नीचे कारोबार करता नजर आया। लगातार दो सत्रों की बिकवाली के बाद कुछ सेक्टर में खरीदारी लौटी, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार पर दबाव बनाए हुए है।
Sensex में बढ़त, Nifty लाल निशान में
Sensex 90.53 अंक की बढ़त के साथ 72,619.60 के स्तर पर पहुंच गया। दूसरी ओर Nifty 20.50 अंक गिरकर 22,695.70 पर कारोबार कर रहा था। प्रमुख शेयरों में TCS करीब एक फीसदी ऊपर रहा, जबकि Adani Ports के शेयर करीब दो फीसदी टूटे। मंगलवार को Nifty में करीब 211 अंक तक की गिरावट आई थी। हालांकि निचले स्तर से रिकवरी के बाद यह 22,716 पर बंद हुआ था। बाजार में लगातार गिरावट के बाद अब कंसोलिडेशन का दौर आने की चर्चा है। इससे पहले भारतीय इक्विटी बाजार छह महीने के निचले स्तर तक पहुंच चुका है और लगातार आठवें सप्ताह गिरावट दर्ज हुई, जो 2020 के बाद गिरावट का सबसे लंबा सिलसिला बताया जा रहा है।
Foreign Investors की बिकवाली से दबाव
बाजार की चाल पर सबसे बड़ा दबाव विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का है। इससे निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है। इसके साथ कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी चिंता बढ़ा रही हैं। भारतीय रुपया भी दो महीने के निचले स्तर के आसपास बना हुआ है। विदेशी पूंजी की निकासी, महंगा कच्चा तेल और कमजोर रुपया, इन तीनों वजहों से बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा हुआ है।
Global Market में भी मिला-जुला कारोबार
एशियाई बाजारों में भी बुधवार को एक जैसा रुख नहीं रहा। टोक्यो समयानुसार सुबह 10:52 बजे S&P 500 Futures में 0.2 फीसदी की बढ़त थी। जापान का Topix 0.6 फीसदी और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.7 फीसदी ऊपर था। दूसरी ओर Hong Kong का Hang Seng 0.4 फीसदी नीचे रहा, जबकि Shanghai Composite में 0.4 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई। Euro Stoxx 50 Futures भी 0.5 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा था।





