Unnao News : मानदेय की मांग पर आशा बहुओं का प्लान, मार्च से जताया विरोध, ईको गार्डन जाने की मांगी अनुमति
लंबित मांगों और प्रोत्साहन राशि से जुड़ी समस्याओं को लेकर आशा बहुओं में नाराजगी, आशा बहू कल्याण समिति के बैनर तले लखनऊ में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तैयारी, हसनगंज ब्लॉक की आशा कार्यकर्ताओं ने अनुमति के लिए सौंपा पत्र

प्रमोद पासी
उन्नाव, 5 अक्टूबर 2026:
यूपी के उन्नाव जिले में आशा बहुओं और आशा संगिनियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में आज हसनगंज ब्लॉक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात आशा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। इससे पूर्व तहसील से ब्लॉक तक मार्च निकाला गया। इसके बाद सीएचसी प्रभारी को मांग पत्र देकर 8 अक्टूबर को लखनऊ के ईको गार्डन में होने वाले धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की अनुमति मांगी।
मानदेय और प्रोत्साहन राशि का मुद्दा
आशा बहुओं का कहना है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। मानदेय और प्रोत्साहन राशि से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं होने से आशा बहुओं और आशा संगिनियों में नाराजगी है। संगठन ने इन्हीं मुद्दों को लेकर 8 अक्टूबर को Lucknow Eco Garden में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का फैसला किया है।
शासन-प्रशासन के सामने रखेंगे मांग
संगठन की ओर से दिए गए पत्र में कहा गया है कि धरना-प्रदर्शन के जरिए आशा बहुओं और आशा संगिनियों की लंबित मांगों को शासन-प्रशासन के सामने लोकतांत्रिक तरीके से रखा जाएगा। संगठन ने CHC प्रभारी से आशा कार्यकर्ताओं को इस प्रदर्शन में शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होने की अनुमति देने की मांगी।
इन पदाधिकारियों ने संभाली कमान
आशा बहू कल्याण समिति उत्तर प्रदेश के बैनर तले हसनगंज ब्लॉक अध्यक्ष गीता रावत, उपाध्यक्ष कृष्णा देवी, कोषाध्यक्ष श्यामा, सचिव सुषमा, मंत्री जयश्री और महामंत्री रमाकान्ती संगिनी समेत आशा बहुओं और आशा संगिनियों ने यह पत्र सौंपा। संगठन की ओर से लंबित मांगों को लेकर आगे की रणनीति भी इसी धरना-प्रदर्शन के जरिए शासन तक पहुंचाने की बात कही गई है।

पत्र पर दर्जनों आशा बहुओं के हस्ताक्षर
पत्र पर ब्लॉक अध्यक्ष गीता रावत के साथ रमाकान्ती, ममता, माया, अवधेश कुमारी, मालती देवी, अमरेश कुमारी, संध्या देवी और शीला समेत दर्जनों आशा बहुओं के हस्ताक्षर हैं। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा है कि वे 8 अक्टूबर को ईको गार्डन में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने के लिए शामिल होना चाहती हैं।






