UP Cabinet Meeting : 22 फैसले हुए, पशु बीमा में 85% खर्च उठाएगी सरकार, स्टांप ड्यूटी की नई व्यवस्था
दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर, कंपनियों के मर्जर-डी-मर्जर पर स्टांप ड्यूटी के नए प्रावधान का प्रस्ताव, केंद्र की मंजूरी के बाद लागू होगी व्यवस्था
लखनऊ, 27 अक्टूबर 2026:
यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में 22 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में किसानों की आय बढ़ाने, पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने, ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर पैदा करने और कंपनियों के विलय एवं विभाजन की प्रक्रिया को आसान बनाने से जुड़े फैसलों पर जोर रहा। पशुपालन के क्षेत्र में पशु बीमा की लागत का 85 फीसदी हिस्सा सरकार की ओर से वहन करने का प्रावधान किया गया है। वहीं, कंपनियों के मर्जर और डी-मर्जर पर स्टांप ड्यूटी को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी
कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और अन्य मंत्रियों ने फैसलों की जानकारी दी। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि सरकार पशुपालन को किसानों की आय बढ़ाने का प्रमुख माध्यम बनाना चाहती है। इसके लिए स्टेट लैब स्टार्ट मिशन के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास, पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने और पशु उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश दूध उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। इसके अलावा अंडा, ऊन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी प्रदेश की स्थिति मजबूत है। सरकार अब इन क्षेत्रों में मूल्य संवर्धन, डिजिटल प्रबंधन और संगठित बाजार व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना चाहती है।
पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए पशु बीमा योजना पर भी जोर दिया गया है। इसके तहत बीमा की कुल लागत का 85 फीसदी हिस्सा सरकार और शेष 15 फीसदी हिस्सा किसान वहन करेंगे। योजना में एक गाय पर 50 हजार रुपये का अनुदान देने का प्रावधान भी बताया गया है।
सरकार का लक्ष्य उन्नत नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देना और नस्ल सुधार के जरिए दूध उत्पादन बढ़ाना है। इसके तहत प्रति गाय प्रतिदिन 10 लीटर दूध उत्पादन तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही मुर्गी पालन और बकरी पालन को प्रोत्साहित कर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने की योजना है।
कंपनियों के मर्जर पर स्टांप ड्यूटी का नया नियम
कैबिनेट में कंपनियों के विलय (मर्जर) और विभाजन (डी-मर्जर) से संबंधित स्टांप ड्यूटी के प्रावधान पर भी चर्चा हुई। स्टांप मंत्री रविंद्र जायसवाल के मुताबिक प्रस्ताव के तहत शेयर वैल्यू पर 0.50 फीसदी स्टांप ड्यूटी लगाने का प्रावधान है। यदि संबंधित मामले में संपत्ति शामिल है, तो उस पर दो फीसदी स्टांप ड्यूटी का प्रस्ताव है।
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— Government of UP (@UPGovt) October 27, 2026
मंत्री ने बताया कि स्पष्ट नियम नहीं होने के कारण कंपनियों को कई मामलों में सर्किल रेट के आधार पर स्टांप ड्यूटी की मांग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। नए प्रावधान से कंपनियों के विलय और पुनर्गठन की प्रक्रिया में स्पष्टता आने की उम्मीद है।
केंद्र की मंजूरी के बाद लागू होगी व्यवस्था
रविंद्र जायसवाल ने बताया कि गुजरात और महाराष्ट्र में इस तरह की व्यवस्था है। उत्तर प्रदेश में भी इसे लागू करने की दिशा में कदम उठाया गया है। चूंकि स्टांप ड्यूटी का विषय समवर्ती सूची से जुड़ा है, इसलिए प्रस्ताव को केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद ही इसे प्रदेश में लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।






