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UP में स्टार्टअप क्रांति : युवाओं को जॉब क्रिएटर बनाने में जुटी प्रदेश सरकार

प्रदेश में 18,568 स्टार्टअप सक्रिय रूप से कर रहे हैं काम, सभी 75 जिलों में सक्रिय, आईटी सेक्टर में वृद्धि से स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिला नया आयाम

लखनऊ, 7 दिसंबर 2025:

यूपी देश के उभरते स्टार्टअप परिदृश्य में नई ऊर्जा का केंद्र बन गया है। राज्य सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों और युवा केन्द्रित दृष्टिकोण ने यहां एक स्टार्टअप संस्कृति को जन्म दिया है। परिणामस्वरूप पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है। वह संख्या के साथ गुणवत्ता के रूप में भी दिख रही है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाले नहीं बल्कि रोजगार सृजक बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है। यही कारण है कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्टार्टअप सक्रिय हैं। उनका दायरा एग्री-टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, फिनटेक के साथ कई उभरते क्षेत्रों तक फैला हुआ है।

वर्तमान में यूपी में 18,568 स्टार्टअप सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। ये तस्वीर बताती है कि राज्य अब उद्यमिता का मजबूत गढ़ बन चुका है। खास बात यह है कि इनमें लगभग आठ हजार स्टार्टअप का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। इससे स्पष्ट होता है कि सरकारी नीतियां न केवल समावेशी हैं बल्कि महिलाओं को उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित भी कर रही हैं।

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इनक्यूबेशन सेंटरों के तेजी से विस्तार ने युवाओं को जमीनी स्तर से लेकर उद्योग स्थापना तक हर चरण में मजबूत सहयोग दिया है। प्रदेश के विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान अब नवाचार के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। इनसे निकलने वाले नए विचार प्रदेश के साथ राष्ट्रीय स्टार्टअप परिदृश्य में अपनी पहचान बना रहे हैं।

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आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में सरकार की आक्रामक नीतियों ने भी स्टार्टअप वृद्धि को गति दी है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर जैसे शहर तेजी से आईटी व टेक आधारित उद्यमों के प्रमुख हब बनकर उभर रहे हैं। आईटी पार्कों के विकास ने वैश्विक कंपनियों को भी राज्य में निवेश की ओर आकर्षित किया है।

स्टार्टअप विशेषज्ञ रजत श्रीवास्तव के अनुसार यूपी में प्रभावी और ठोस स्टार्टअप नीति ने पूरे इकोसिस्टम को नई मजबूती प्रदान की है। आने वाले वर्षों में यूपी देश का सबसे बड़ा स्टार्टअप केंद्र बनने की क्षमता रखता है।

सरकार की पारदर्शी नीतियां, बेहतर कानून-व्‍यवस्‍था और उद्योग के प्रति अनुकूल माहौल ने ग्रामीण क्षेत्रों तक में उद्यमिता की लहर पहुंचाई है। इससे स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से एक विकसित नवाचार केंद्र के रूप में उभर रहा है। युवा अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। प्रदेश को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहे हैं।

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