
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 3 जुलाई 2026ः
उत्तराखंड सरकार और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के बीच कौशल विकास, रोजगार, कार्बन क्रेडिट, डिजिटलीकरण और सुशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी है। शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से यूएनडीपी की भारत में डिप्टी रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव ईजाबेल ने मुलाकात कर प्रदेश में संचालित कार्यक्रमों और सहयोग पर चर्चा की।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखंड में युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार सृजन सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की साक्षरता दर बेहतर होने के बावजूद युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। इस दिशा में यूएनडीपी की विशेषज्ञता राज्य के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने कार्बन क्रेडिट के क्षेत्र में भी यूएनडीपी से सहयोग का अनुरोध करते हुए कहा कि उत्तराखंड एक हिमालयी राज्य है, जहां लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण और कार्बन क्रेडिट की संभावनाओं को विकसित करना राज्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।
आनंद बर्द्धन ने बताया कि राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के साथ-साथ बच्चे के जन्म से ही ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। इन दोनों क्षेत्रों में भी यूएनडीपी से तकनीकी सहयोग लिया जाएगा। वहीं, ईजाबेल ने बताया कि संस्था उत्तराखंड में सार्वजनिक नीति एवं सुशासन और सतत विकास लक्ष्यों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और यूएनडीपी के बीच हुए व्यापक समझौता ज्ञापन के तहत जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ऊर्जा, जैव विविधता संरक्षण, आपदा जोखिम कम करने, आजीविका, कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






