
विजय पटेल
रायबरेली, 14 अगस्त 2026ः
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर रायबरेली के रतापुर सामुदायिक केंद्र में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 1947 के विभाजन की त्रासदी और देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले गुमनाम नायकों को याद किया गया। कार्यक्रम में पहुंचे राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि विभाजन का दर्द आज भी लोगों की स्मृतियों में मौजूद है।

राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान गांवों और आसपास के क्षेत्रों में अनेक युवा देश की आजादी के लिए संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि कई गुमनाम युवाओं ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, लेकिन इतिहास के आधिकारिक रिकॉर्ड में उन्हें उचित स्थान नहीं मिला।
उन्होंने विभाजन की त्रासदी का जिक्र करते हुए कहा कि 1947 में सिर्फ देश की सीमाओं का विभाजन नहीं हुआ, बल्कि लोगों के दिल भी बंट गए। लाखों लोगों को अपना घर, जमीन-जायदाद और पीढ़ियों की कमाई छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। उन्होंने कहा कि विभाजन का दर्द आज भी लोगों की स्मृतियों में मौजूद है। उस दर्द को लोग कभी भूल भी नहीं पाएंगे।

दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के जरिए नई पीढ़ी को इतिहास, बलिदान और बंटवारे की त्रासदी से अवगत कराया जा रहा है, जिससे वे उस दौर की वास्तविक स्थिति से रूबरू हो सकें और अपनी स्मृति में स्थान दे सकें। इस अवसर पर सलोन विधायक अशोक कोरी भी मौजूद रहे।






