
गोरखपुर, 19 सितंबर 2026:
यूपी के गोरखपुर में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर भाजपा ने संगठन को सक्रिय करने की कवायद तेज कर दी है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं विधानसभा चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े ने तीन दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन संगठन के अलग-अलग स्तर के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, मीडिया- सोशल मीडिया टीम व वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में संगठन की जमीनी स्थिति से लेकर चुनावी तैयारियों तक कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
रोज 3-4 परिवारों से संपर्क का टास्क
तावड़े ने कार्यकर्ताओं से कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से लगातार जनसंपर्क शुरू किया जाए। युवाओं, महिलाओं के साथ सनातन सोच रखने वाले परिवारों से संपर्क बढ़ाने पर खास जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि छोटा कार्यकर्ता हो या बड़ा पदाधिकारी, हर किसी को रोजाना 3 से 4 परिवारों तक पहुंच बनानी चाहिए।
62 विधानसभा सीटों की स्थिति पर फीडबैक
तावड़े के साथ यूपी भाजपा के सह प्रभारी जगदीश पटेल ने भी संगठन के अलग-अलग स्तर के पदाधिकारियों से दोतरफा संवाद किया। गोरखपुर क्षेत्र की 62 विधानसभा सीटों में संगठन की सक्रियता, कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल, जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय और पार्टी के अभियानों की जमीनी स्थिति पर फीडबैक लिया गया।

बूथ से डिजिटल प्लेटफॉर्म तक सक्रियता पर जोर
बैठकों में कहा गया कि विधानसभा चुनाव की तैयारी सिर्फ चुनावी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। बूथ स्तर पर सक्रियता, संगठनात्मक अनुशासन, जनसंपर्क, मीडिया व Digital Communication को लगातार मजबूत करने की जरूरत है। पार्टी के अभियानों और कार्यक्रमों की जानकारी समाज के अलग-अलग वर्गों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर भी चर्चा हुई।
मीडिया और सोशल मीडिया टीम को भी जिम्मेदारी
क्षेत्रीय पदाधिकारियों, क्षेत्रीय समिति के सदस्यों, जिलाध्यक्षों, जिला महामंत्रियों व क्षेत्र में रहने वाले प्रदेश पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद क्षेत्रीय व जिला मीडिया प्रभारियों, सह प्रभारियों और सोशल मीडिया टीम के साथ बैठक की गई। तावड़े ने संगठन की गतिविधियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
सांसद-विधायकों से संगठन के साथ तालमेल की बात
जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में संगठन और सांसद-विधायकों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर चर्चा हुई। तावड़े ने उनसे फीडबैक लिया और कहा कि संगठन व जनप्रतिनिधि मिलकर जनता के बीच पार्टी के कार्यक्रमों और गतिविधियों को पहुंचाएं। इसके बाद वरिष्ठ पदाधिकारियों व पूर्व जनप्रतिनिधियों से भी संवाद किया गया। इसमें पुराने अनुभव और मौजूदा संगठनात्मक सक्रियता को साथ लेकर आगे बढ़ने पर जोर दिया गया।






