
लखनऊ, 22 सितंबर 2026:
यूपी के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को मंगलवार को 3,567 नए शिक्षक और संस्था प्रधान मिले। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता (PGT) और 2,372 सहायक अध्यापक (TGT) शामिल हैं।
नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन रोजगार और शिक्षा से आगे बढ़कर सीधे सियासी वार तक पहुंच गया। योगी ने विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले युवाओं के अधिकार पर डाका पड़ता था। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि एक नौजवान ने उन्हें बताया कि वर्ष 2015 में इसी पद के लिए आवेदन करने पर उससे आठ लाख रुपये मांगे गए थे। पैसे की व्यवस्था करने तक उससे अधिक रकम देने वाले को नौकरी मिल गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वही नौजवान योग्यता के आधार पर नौकरी पा रहा है।
‘नकल माफिया की कमर तोड़ने के लिए प्रशांत कुमार को बनाया अध्यक्ष’
मुख्यमंत्री ने कहा कि नकल माफिया की कमर तोड़ने के लिए पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कोई ‘सैफई माफिया’ डकैती न डाल सके, इसके लिए व्यवस्था बनाई गई है। योगी ने कहा, ‘हमने सैफई सिंडिकेट को बता दिया है कि हम देते रहेंगे, आप गिनते रहिए। गिनती न आती हो तो चाचा शिवपाल से गिनती सीख लें।’
प्रयागराज में धरने पर बैठे छात्रों का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के भाषण में उठा। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी को निर्देश दिया कि छात्रों को राहत देने के लिए एनसीटीई को तत्काल पत्र लिखा जाए और एक निश्चित समय तक उन्हें राहत देने की व्यवस्था पर विचार किया जाए।

‘एक शिक्षक 100 बच्चों को गाइड करे तो 3.5 लाख से ज्यादा बच्चों तक पहुंचेगा असर’
योगी ने नवनियुक्त शिक्षकों से कहा कि उनका काम सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि एक शिक्षक वर्ष में 100 छात्रों से संवाद करता है तो 3,500 से अधिक शिक्षक मिलकर 3.5 लाख से ज्यादा बच्चों को प्रभावित और गाइड करने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि ऐसा वातावरण बनाना होगा कि विद्यार्थी जीवनभर अपने शिक्षक को याद रखें। गूगल जानकारी दे सकता है, एआई उत्तर दे सकता है लेकिन कब, कहां और क्या करना है, यह छात्र खुद तय कर सके, आपको उसे वैसा बनाना है। योगी ने शिक्षकों से विद्यार्थियों को महापुरुषों की जीवनियां बताने और समाज को बांटने वाली प्रवृत्तियों से सावधान करने की भी अपील की।
‘राम से कलाम तक गुरु की भूमिका सबसे बड़ी’
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राम, महर्षि अगस्त्य, भगवान कृष्ण और सुदामा से लेकर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तक के उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि गुरु का दायित्व केवल ज्ञान देना नहीं बल्कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व का निर्माण करना है। कृष्ण और सुदामा का एक ही गुरु सांदीपनि के आश्रम में शिक्षा लेना समान अवसर की मिसाल है।
उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योगों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करा सकती है लेकिन इन संसाधनों को गति देने की क्षमता शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए विद्यार्थियों में ही विकसित होगी। यही प्रक्रिया आगे चलकर आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत करेगी।
निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत आज लखनऊ में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित 3,567 प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक/प्रवक्ता (PGT)/सहायक अध्यापक (TGT) अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र वितरित किया।
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— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 22, 2026
‘9.5 लाख युवाओं को नौकरी, छह महीने में एक लाख और’
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 9.5 लाख युवाओं को नौकरी दी जा चुकी है और अगले छह महीने में एक लाख और नियुक्तियां करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकल चुका है और प्रदेश की ग्रोथ तीन गुना हुई है। सरकार के अनुसार, 2017 से 22 सितंबर 2026 तक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में विभिन्न पदों पर 48,018 अभ्यर्थियों का चयन/नियुक्ति की जा चुकी है।
‘लेनदेन हुआ तो जेल में सड़ना पड़ेगा’
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि नियुक्ति के बाद किसी भी स्तर पर लेनदेन की शिकायत सामने आई तो कड़ी कार्रवाई होगी। योगी ने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग में किसी तरह की दिक्कत नहीं आनी चाहिए और यदि ‘कहीं भी लेनदेन की बात आई तो समझ लेना, जेल में सड़ना पड़ेगा।’
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का प्रदेशभर में लाइव प्रसारण भी किया गया।






