
लखनऊ, 5 जुलाई 2026:
यूपी आर्थिक विकास की दौड़ में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व संग्रह में प्रदेश ने गत जून माह में 19 फीसदी की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 9165 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ यूपी ने पंजाब, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए अपनी मजबूत आर्थिक स्थिति का दमदार प्रमाण दिया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जून माह में पंजाब में जीएसटी संग्रह 14 फीसदी, केरल में 11 फीसदी और कर्नाटक में 10 फीसदी बढ़ा और तमिलनाडु में 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत यूपी ने 19 फीसदी की सर्वाधिक वृद्धि हासिल कर देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
प्रदेश का यह प्रदर्शन कोई एक महीने का नहीं है। गत मई माह में भी यूपी ने 8728 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व प्राप्त किया था। यह मई 2025 के 7732 करोड़ रुपये की तुलना में 13 फीसदी अधिक रहा। लगातार दो महीनों तक दोहरे अंकों की वृद्धि इस बात का संकेत है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत आधार पर आगे बढ़ रही है। व्यापारिक गतिविधियों में लगातार विस्तार हो रहा है।
पिछले वर्ष से तुलना करें तो जून 2025 में प्रदेश को 7675 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व प्राप्त हुआ था जबकि जून 2026 में यह बढ़कर 9165 करोड़ रुपये पहुंच गया। यानी एक वर्ष में 1490 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राजस्व वृद्धि दर्ज हुई।
जीएसटी संग्रह में लगातार हो रही यह बढ़ोतरी प्रदेश में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों, बेहतर कर अनुपालन और प्रभावी राजस्व प्रबंधन का संकेत मानी जा रही है। यह उपलब्धि प्रदेश की तेजी से सशक्त होती अर्थव्यवस्था और विकास की निरंतर बढ़ती रफ्तार को भी दर्शाती है।






