
अनिल निषाद
अयोध्या, 22 जुलाई 2026:
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में पहुंचे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव को पुलिस द्वारा कस्टडी में लिए जाने के विरोध में मंगलवार रात अयोध्या में सपा कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए भाजपा सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पूर्व जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सपाई सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि छात्रों को अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है लेकिन सरकार युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विरोध की आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई कर लोकतांत्रिक मूल्यों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। उनका कहना था कि छात्रों की मांगें पूरी तरह लोकतांत्रिक हैं। उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन सरकार दमन की नीति अपनाकर असहमति को दबाना चाहती है।

प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव और डिंपल यादव को कस्टडी में लिए जाने को पूरी तरह गैरकानूनी और अलोकतांत्रिक कदम बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। नेताओं ने भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि विपक्षी नेताओं और छात्रों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रही तो पार्टी प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज करेगी। प्रदर्शन के दौरान पूरे इलाके में राजनीतिक माहौल गरमाया रहा और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ लगातार नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।






