Ayodhya

राम मंदिर में चढ़ावा गिनती का सिस्टम बदला, SBI ने 36 पुराने कर्मियों को हटाया, नए स्टाफ की एंट्री

चढ़ावा चोरी केस के बाद ट्रस्ट ने व्यवस्था में बड़ा बदलाव शुरू किया, आज ट्रस्ट की अहम बैठक में नए ट्रस्टियों और महासचिव के नामों पर भी लग सकती है मुहर, पुराने ठेकेदारों को भी हटाने की तैयारी तेज

अनिल निषाद

अयोध्या, 22 जुलाई 2026:

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने चढ़ावे की गिनती की पूरी व्यवस्था बदल दी है। चढ़ावा गणना में लगे सभी 36 पुराने कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया गया है। उनके आईडी कार्ड और ड्रेस भी वापस ले लिए गए हैं। अब उनकी जगह SBI के नियमित कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। माना जा रहा है कि यह फैसला सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए लिया गया है।

आज ट्रस्ट की बैठक पर भी सबकी नजर

ये भी पढ़ें:

इसी बीच बुधवार को ट्रस्ट की दूसरी अहम बैठक भी होने जा रही है। बैठक में महासचिव समेत ट्रस्ट में खाली पड़े तीन पदों पर नए ट्रस्टियों के नाम तय किए जा सकते हैं। चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर और एसआईटी जांच के बाद नामजद आरोपी जेल में हैं और उनसे रिमांड पर पूछताछ भी चल रही है। ट्रस्ट ने नए सीईओ की नियुक्ति के लिए आवेदन भी मांगे हैं।

दो चरण में हटाए गए सभी कर्मचारी

जानकारी के मुताबिक पहले चरण में 23 कर्मचारियों को हटाया गया था। इसके बाद बचे 13 कर्मचारियों को भी सेवामुक्त कर दिया गया। इसके साथ ही चढ़ावा गणना से जुड़े पुराने सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी पूरी तरह खत्म हो गई है।

निजी एजेंसी के कर्मचारियों से ली गई ड्रेस और आईडी

ये कर्मचारी वाराणसी की एक निजी एजेंसी के जरिए हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में नियुक्त किए गए थे। उन्हें अचानक बुलाकर आईडी कार्ड और ड्रेस जमा करा ली गई। साथ ही अगले दिन से ड्यूटी पर नहीं आने के निर्देश दिए गए। अब SBI ने अपनी अलग-अलग शाखाओं से नियमित कर्मचारियों की तैनाती शुरू कर दी है, ताकि चढ़ावे की गिनती बैंक की निगरानी में हो सके।
ram-mandir-ayodhya-donation-counting-system-changed-sbi-replaces-staff (2)

चढ़ावा चोरी के बाद उठे थे कई सवाल

चढ़ावा चोरी मामले के सामने आने के बाद यह सवाल लगातार उठ रहा था कि करोड़ों रुपये के नकद चढ़ावे की गिनती हाउसकीपिंग कर्मचारियों से क्यों कराई जा रही थी। इसी के बाद ट्रस्ट और बैंक ने पूरी व्यवस्था की समीक्षा की और नए सिस्टम पर काम शुरू किया।

हटाए गए कर्मचारियों ने वेतन को लेकर भी लगाए आरोप

सेवामुक्त किए गए कर्मचारियों का कहना है कि निजी एजेंसी को प्रति कर्मचारी करीब 26 हजार रुपये का भुगतान मिलता था, जबकि उन्हें लगभग 15 हजार रुपये वेतन दिया जाता था। उनका आरोप है कि बिना किसी व्यक्तिगत गलती के उन्हें अचानक नौकरी से हटा दिया गया। हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक ट्रस्ट या SBI की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

पुराने ठेकेदारों की भी हो रही छुट्टी

सूत्रों के मुताबिक बदलाव केवल चढ़ावा गणना तक सीमित नहीं है। मंदिर परिसर में सफाई, रखरखाव और दूसरे सहायक काम देखने वाले कई पुराने ठेकेदारों को भी हटाया जा रहा है। उनकी जगह नई एजेंसियों और नए कर्मचारियों को जिम्मेदारी देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ट्रस्ट परिसर में संवेदनशील कामों से लेकर सामान्य व्यवस्थाओं तक नए सिरे से सिस्टम तैयार किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें  राम मंदिर Donation Case में पहली FIR दर्ज, एक्शन में पुलिस, सभी आठ आरोपी गिरफ्तार

Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button