Lucknow CityUttar Pradesh

1090 की कार्यप्रणाली से रूबरू हुआ जापानी प्रतिनिधिमंडल, महिला सुरक्षा पर साझा हुए यूपी-जापान के अनुभव

शिकायत से काउंसलिंग तक की प्रक्रिया समझी, स्कूलों में बचपन से सुरक्षा जागरूकता और महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने पर हुआ मंथन

लखनऊ, 21 अगस्त 2026:

यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 के बीच महिला सुरक्षा के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश और जापान के बीच संवाद का एक अहम अध्याय सामने आया। शुक्रवार को जापानी प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश की महिलाओं की सहायता के लिए संचालित वीमेन पावर लाइन 1090 का दौरा किया और यहां शिकायत मिलने से लेकर काउंसलिंग और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तक की पूरी कार्यप्रणाली को करीब से समझा। प्रतिनिधिमंडल ने यह जानने में खास दिलचस्पी दिखाई कि मुश्किल, भय या उत्पीड़न की स्थिति में मदद मांगने वाली महिला की समस्या को किस तरह समझा जाता है और उसे उचित सहायता तक कैसे पहुंचाया जाता है।
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दौरे के दौरान यूपी के अधिकारियों और जापानी प्रतिनिधिमंडल के बीच महिला सुरक्षा, काउंसलिंग, जागरूकता और सशक्तीकरण को लेकर विस्तार से अनुभव साझा किए गए। अधिकारियों ने बताया कि 1090 में केवल शिकायत दर्ज करना ही उद्देश्य नहीं है अपितु पीड़ित महिला को सहज और सुरक्षित माहौल देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कई बार डर, तनाव या झिझक के कारण महिलाएं अपनी बात खुलकर नहीं रख पातीं। ऐसे मामलों में प्रशिक्षित कर्मी संवेदनशीलता के साथ उनकी बात सुनते हैं। समस्या को समझते हैं और जरूरत के अनुसार काउंसलिंग व अन्य सहायता तंत्र से जोड़ने की दिशा में काम करते हैं।

कॉल रिसीव होने से मदद तक की प्रक्रिया समझी

जापानी प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि किसी महिला की ओर से सहायता के लिए संपर्क किए जाने के बाद उसकी समस्या को समझना, आवश्यक मार्गदर्शन देना और जरूरत पड़ने पर संबंधित सहायता व्यवस्था से जोड़ना पूरी प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। चर्चा में भावनात्मक सहयोग और काउंसलिंग की भूमिका पर भी विशेष जोर रहा।

बच्चों को बचपन से सुरक्षा की सीख देने पर जोर

बैठक में महिला सुरक्षा के साथ-साथ प्रीवेंटिव अवेयरनेस यानी घटना से पहले जागरूकता विकसित करने पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने माना कि बच्चों को कम उम्र से ही अपनी सुरक्षा, अधिकारों और जरूरत पड़ने पर मदद मांगने के तरीकों के बारे में सहज भाषा में जानकारी देना जरूरी है। स्कूलों में पांच वर्ष की आयु के बाद बच्चों के बीच सुरक्षा संबंधी जागरूकता विकसित करने के तरीकों पर भी विचार साझा किए गए। बच्चों को यह समझाने पर जोर रहा कि किसी कठिन परिस्थिति में वे किस भरोसेमंद व्यक्ति से संवाद कर सकते हैं और मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि सुरक्षा का महत्वपूर्ण कदम है।

जापान ने साझा किए अपने अनुभव

जापानी प्रतिनिधिमंडल ने जापान में महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता को लेकर संचालित कार्यक्रमों के अनुभव भी साझा किए। वहीं उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने प्रदेश में महिला सुरक्षा और सहायता के लिए विकसित संस्थागत तंत्र की जानकारी दी। दोनों पक्षों ने माना कि जापान और उत्तर प्रदेश की सामाजिक एवं संस्थागत परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए किसी भी मॉडल को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप समझना और अपनाना जरूरी है। हालांकि, महिला सुरक्षा, बच्चों में जागरूकता, प्रभावी संवाद, काउंसलिंग और सहायता सेवाओं जैसे क्षेत्रों में दोनों पक्षों के अनुभव एक-दूसरे के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
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सुरक्षा से आगे आत्मविश्वास बढ़ाने पर फोकस

चर्चा का एक महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि महिला सुरक्षा को केवल घटना के बाद सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं किया जा सकता। इसका उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा की भावना और आत्मविश्वास पैदा करना भी है। जब महिलाओं को भरोसा होता है कि मुश्किल समय में उन्हें समय पर मदद मिलेगी तो वे अपनी समस्याएं सामने रखने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने में अधिक सहज होती हैं।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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