22 दिन की मासूम को नहीं मिला इलाज! सांप के डसने के बाद तीन अस्पतालों के चक्कर, मां की गोद में बच्ची ने तोड़ा दम
लखनऊ के मोहनलालगंज से शर्मनाक तस्वीर, पहले सीएचसी ने किया रेफर, सिविल अस्पताल में सांप की फोटो मांगने का आरोप, झलकारी बाई पहुंचते-पहुंचते थम गई नवजात की सांस

एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 12 सितंबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला दर्दनाक मामला निगोहां क्षेत्र के उदयपुर गांव से सामने आया है। जहरीले सर्प के डसने से गंभीर हुई महज 22 दिन की नवजात बच्ची को समय पर उचित इलाज नहीं मिल सका। मां मासूम को गोद में लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक दौड़ती रही लेकिन आखिरकार उसकी आंखों के सामने बेटी ने दम तोड़ दिया।
निगोहां के ग्राम क्उदयपुर निवासी दिलीप कुमार अपनी पत्नी पूजा और तीन बेटियों सावनी, तृषा व 22 दिन की नवजात बेटी के साथ रहते हैं। पूजा के मुताबिक उनके पति तीन दिन पहले बैजनाथ धाम कांवड़ यात्रा पर गए थे। गुरुवार रात वह तीनों बेटियों के साथ बेड पर सो रही थीं। देर रात जहरीले सर्प ने नवजात के बाएं हाथ की उंगली में डस लिया। कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ने लगी।
घबराए परिजन मासूम को लेकर मोहनलालगंज सीएचसी पहुंचे। आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने तत्काल उपचार शुरू करने के बजाय बच्ची को सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन एंबुलेंस से सिविल अस्पताल पहुंचे तो आरोप है कि वहां भी इलाज शुरू करने के बजाय डसने वाले सांप की फोटो मांगी गई। फोटो नहीं होने की बात कहने पर बच्ची को झलकारी बाई अस्पताल रेफर कर दिया गया।

मां पूजा बच्ची को गोद में लेकर वहां पहुंची लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। बेटी की मौत की खबर सुनते ही पूजा उसे सीने से लगाकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। इसकी जानकारी मिलने पर पिता दिलीप कांवड़ यात्रा बीच में छोड़कर घर के लिए रवाना हो गए। उनके पहुंचने के बाद परिजन बच्ची का अंतिम संस्कार करेंगे। वहीं, मोहनलालगंज सीएचसी के अधीक्षक डॉ. दिवाकर ने कहा कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।






