
वाराणसी, 19 सितंबर 2026:
यूपी के वाराणसी में एक निजी अस्पताल के नाम पर फर्जी इलाज दिखाकर Insurance Claim लेने की कोशिश का मामला सामने आया है। कबीर नगर निवासी डॉक्टर राहुल कुमार का आरोप है कि उनके Nursing Home में इमरान अंसारी नाम के 26 वर्षीय युवक के डेंगू के इलाज का फर्जी रिकॉर्ड तैयार कर Health and Allied Insurance Company में क्लेम लेने की कोशिश की गई। मामले में अस्पताल के मैनेजर शम्स तबरेज पर भी मिलीभगत का आरोप लगाते हुए भेलूपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
इंश्योरेंस कंपनी के मेल से खुला मामला
डॉक्टर राहुल कुमार के मुताबिक कबीरनगर दुर्गाकुंड स्थित उनके नर्सिंग होम के ईमेल पर इंश्योरेंस कंपनी की Chair Communication Team की तरफ से एक मेल आया था। इसमें इमरान अंसारी, उम्र 26 साल, के 10 सितंबर को अस्पताल में भर्ती होने का जिक्र था। रिकॉर्ड में 16 सितंबर को डिस्चार्ज दिखाया गया था। इमरान के डेंगू के इलाज के संबंध में अस्पताल से Verification Report मांगी गई थी।
अस्पताल के रिकॉर्ड में मरीज का नाम ही नहीं
मेल मिलने के बाद अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच की गई तो डॉक्टर राहुल कुमार के मुताबिक 10 सितंबर को इमरान अंसारी नाम का कोई मरीज भर्ती ही नहीं हुआ था। अस्पताल में उसके डेंगू के इलाज का भी कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। 16 सितंबर को इस नाम के किसी मरीज को डिस्चार्ज किए जाने की जानकारी भी सामने नहीं आई।
अस्पताल के नाम से तैयार किए गए दस्तावेज
डॉक्टर का आरोप है कि मामले की गहराई से जांच करने पर उन्हें पता चला कि अस्पताल के मैनेजर रहे शम्स तबरेज निवासी कमल गड्ढा, जैतपुरा ने इमरान अंसारी के साथ मिलकर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों में इमरान का अस्पताल में इलाज होना दिखाया गया था। आरोप है कि इन कागजात के आधार पर इंश्योरेंस कंपनी से आर्थिक लाभ लेने की कोशिश की गई।
कंपनी को पहले ही दी गई थी जानकारी
डॉक्टर राहुल कुमार ने बताया कि फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने Health Insurance Company की Chair Communication Team के मैनेजर को अस्पताल के लेटरहेड पर जानकारी दी थी। इसके बाद अस्पताल स्तर पर भी मामले की जांच की गई।
मैनेजर को अस्पताल से हटाया
अस्पताल संचालक के मुताबिक मामले की जानकारी सामने आने के बाद शम्स तबरेज को नौकरी से निकाल दिया गया। डॉक्टर का आरोप है कि अस्पताल के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने से संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचा। शिकायत में इमरान अंसारी व शम्स तबरेज के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर इंश्योरेंस कंपनी से अनुचित लाभ लेने की कोशिश का आरोप लगाया गया है।






