
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 22 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड के नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण दो लोगों की मौत और 300 लोगों के बीमार पड़ने के मामले में धामी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया। इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर उत्तराखंड जल संस्थान और पेयजल निगम के छह वरिष्ठ व कनिष्ठ अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही नैनीताल जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को भविष्य में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सीएम ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता के हितों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को जनस्वास्थ्य से जुड़े प्रकरण की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद सोमवार रात यह कार्रवाई की गई। निलंबित अधिकारियों में जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता, नैनीताल जल संस्थान के सहायक अभियंता एवं अपर सहायक अभियंता और पेयजल निगम भीमताल के अधिशासी अभियंता, प्रभारी सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं। नैनीताल जिले के ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण कई दिनों पहले दो लोगों की मौत हो गई थी और 300 से अधिक लोग बीमारी पड़ गए थे।
बता दें कि एक दिन पहले सीएम धामी के निर्देश पर NEET UG 2026 की राज्य केंद्रीयकृत काउंसिलिंग में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रवेश लेने के मामले में कार्रवाई की गई थी। सरकार के अनुसार अब तक आठ अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं और उनकी प्रवेश प्रक्रिया भी रद्द कर दी गई है। सरकार का कहना है कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।






