Share Market : सुबह आया भूचाल फिर 500 अंक गिरने के बाद संभला सेंसेक्स, निफ्टी भी लौटा
स्टेट बैंक की बढ़त ने बाजार को दिया सहारा, एक्सिस बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से निवेशकों की चिंता बढ़ी, एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का असर

बिजनेस डेस्क, 19 अक्टूबर 2026:
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार सुबह भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार शुरू होते ही Sensex-Nifty लाल निशान में आ गए। सेंसेक्स एक समय 530 अंक तक टूट गया, हालांकि बाद में इसमें तेजी से रिकवरी हुई। सुबह 9:46 बजे सेंसेक्स 12 अंक गिरकर 74,717 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी भी 10 अंक फिसलकर 23,136 पर आ गया।
शुरुआती तेजी कुछ ही देर में गायब
सोमवार को बाजार की शुरुआत मामूली बढ़त के साथ हुई। बीएसई सेंसेक्स 120 अंक चढ़कर 74,849 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी चार अंक की बढ़त के साथ 23,150 पर पहुंचा। हालांकि, कुछ ही सेकेंड में दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के दायरे में आ गए। सुबह 9:28 बजे तक सेंसेक्स 530 अंक टूटकर 74,197 पर पहुंच गया था। निफ्टी भी 169 अंक गिरकर 22,976 पर कारोबार कर रहा था। इसके बाद बाजार में खरीदारी लौटी, जिससे दोनों सूचकांकों को नुकसान की भरपाई करने में मदद मिली।
स्टेट बैंक में खरीदारी, एक्सिस बैंक पर दबाव
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बढ़त बनाने वालों में सबसे आगे रहा। सुबह 9:46 बजे तक इसके शेयर 2.24 प्रतिशत चढ़े हुए थे। दूसरी तरफ एक्सिस बैंक में बिकवाली का दबाव बना रहा। हालांकि, इसकी गिरावट घटकर 3.74 प्रतिशत रह गई थी। बाजार में इस उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की नजर बैंकिंग शेयरों के साथ वैश्विक बाजारों के रुख पर भी बनी हुई है।
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ा रहीं चिंता
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारतीय शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। WTI क्रूड 97 से 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर था। तेल की कीमतों में तेजी से कंपनियों की लागत बढ़ने का दबाव बन सकता है। इसका असर रुपये पर भी पड़ सकता है। इसके अलावा भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट
तकनीकी नजरिए से सेंसेक्स के लिए 73,900 से 74,100 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। इस दायरे के ऊपर बने रहने पर सूचकांक 75,000 से 75,300 के रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ सकता है। इस स्तर को पार करने पर बाजार में नई खरीदारी देखने को मिल सकती है। वहीं, ऊपरी स्तरों पर दबाव बढ़ने से मुनाफावसूली का दौर भी आ सकता है।
निफ्टी की नजर सपोर्ट जोन पर
चॉइस ब्रोकिंग के विश्लेषण के मुताबिक, निफ्टी ने 200-सप्ताह के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA के साथ बढ़ती ट्रेंडलाइन से भी सपोर्ट लिया है। इससे निकट अवधि के आउटलुक में सुधार हुआ है। हालांकि, निफ्टी अभी 50-सप्ताह के EMA के ऊपर टिकने में सफल नहीं हुआ है। बाजार में रिकवरी को मजबूती मिलने के लिए जरूरी होगा कि सूचकांक अहम सपोर्ट स्तरों के ऊपर बना रहे। निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, बैंकिंग शेयरों की चाल पर रहेगी।






