UP TGT भर्ती : 17,735 पदों पर आरक्षण को लेकर सवालों पर आयोग सख्त, अध्यक्ष ने दिया ये तर्क
यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग ने कहा- टीजीटी भर्ती में आरक्षण का निर्धारण विद्यालयवार नियमों के अनुसार, प्रदेश स्तर पर कुल पदों के आधार पर नहीं, अभ्यर्थियों से भ्रामक पोस्ट पर भरोसा न करने की अपील
लखनऊ/प्रयागराज, 28 अक्टूबर 2026:
यूपी के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) के 17,735 पदों पर भर्ती को लेकर सोशल मीडिया पर आरक्षण व्यवस्था के संबंध में फैल रही अफवाहों पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व डीजीपी डॉ. प्रशांत कुमार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती में आरक्षण का निर्धारण शासन के स्थापित नियमों और निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है। उन्होंने आरक्षण को लेकर किए जा रहे दावों को तथ्यहीन और भ्रामक बताया है।
विद्यालयवार लागू होता है आरक्षण का नियम
डॉ. प्रशांत कुमार के मुताबिक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से रिक्त पदों का विवरण जुटाया था। इसमें विद्यालयवार, विषयवार, श्रेणीवार और आरक्षणवार रिक्तियों को चिह्नित कर संकलित किया गया और इसके बाद आयोग को भर्ती के लिए अधियाचन उपलब्ध कराया गया।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को आरक्षण व्यवस्था के उद्देश्य से ‘एकल इकाई’ (सिंगल यूनिट) के रूप में मान्यता प्राप्त है। संबंधित विद्यालय का प्रबंध तंत्र ही नियुक्ति प्राधिकारी होता है। ऐसे में हर विद्यालय में स्वीकृत पदों की संख्या के आधार पर प्रचलित आरक्षण नियमों के तहत श्रेणीवार पदों का निर्धारण किया जाता है।
आयोग अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि आरक्षण की गणना पूरे प्रदेश या माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के स्तर पर सभी पदों को एक साथ जोड़कर नहीं की जाती। इसके बजाय संबंधित विद्यालय की इकाई के आधार पर आरक्षण नियम लागू होते हैं। आयोग का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया इसी व्यवस्था के अनुरूप संचालित की जा रही है।
पुरानी भर्तियों का भी दिया हवाला
डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि आयोग इससे पहले विज्ञापन संख्या 01/2022 और 02/2022 के तहत भी भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों और प्रावधानों के अनुसार पूरी करा चुका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भर्ती में भी शासन की मंशा के अनुरूप निष्पक्षता, पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखी जा रही है।
अभ्यर्थियों से अफवाहों से बचने की अपील
आयोग अध्यक्ष के अनुसार शासन ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘E-Gyan Ganga-U.P.’ पर इस मामले में तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने शिक्षक अभ्यर्थियों और आम लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा न करें और न ही ऐसी पोस्ट को आगे साझा करें। भर्ती से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी केवल उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सूचनाओं पर ही विश्वास करें।






