68,500 शिक्षक भर्ती : आंदोलित अभ्यर्थियों ने घेरा मंत्री आशीष पटेल का आवास, दीपावली तक अल्टीमेटम
आरक्षण विसंगति के मुद्दे पर दो महीने से ईको गार्डन में धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने मांगा नियुक्ति का शेड्यूल, बोले- न्याय नहीं मिला तो मंत्रियों के घर मनाएंगे दीपावली

लखनऊ, 3 नवंबर 2026:
यूपी की 68,500 शिक्षक भर्ती 2018 में आरक्षण विसंगति का मुद्दा सुलझ नहीं रहा है। दो महीने से लखनऊ के ईको गार्डन में धरना और प्रदर्शन दे रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने मंगलवार को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं अपना दल (एस) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशीष पटेल के सरकारी आवास का घेराव कर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया। अभ्यर्थियों ने दो टूक कहा कि उन्हें अब आश्वासन नहीं नियुक्ति प्रक्रिया का शेड्यूल चाहिए। उनकी मांग है कि दीपावली से पहले भर्ती प्रक्रिया की समय-सारिणी जारी कर आंदोलन समाप्त कराया जाए।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि 10 सितंबर को संबंधित विभागीय स्तर पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, माध्यमिक शिक्षा मंत्री और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वीकार किया था कि ओबीसी समेत वंचित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ आरक्षण लागू करने में विसंगति हुई है। अभ्यर्थियों के मुताबिक बैठक में यह भी कहा गया था कि मामले का अंतिम समाधान मुख्यमंत्री स्तर से ही संभव है।
इसी भरोसे पर वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं लेकिन अब तक नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस समय-सारिणी जारी नहीं हुई है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष वर्मा और तूफान सिंह ने चेतावनी दी कि यदि दीपावली से पहले नियुक्ति शेड्यूल जारी नहीं हुआ तो त्योहार भी ईको गार्डन में धरना देते हुए मनाया जाएगा।

आशीष पटेल ने दिया अगले हफ्ते तक कार्रवाई का भरोसा
धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने कहा कि यदि जल्द भर्ती प्रक्रिया का कार्यक्रम जारी कर अभ्यर्थियों को घर नहीं भेजा गया तो वे दीपावली माननीयों के घरों पर ही मनाने को मजबूर होंगे। इस बीच मंत्री आशीष पटेल ने अपने आवास से बाहर आकर प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने अभ्यर्थियों से दीपावली तक समय देने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि आने वाले सप्ताह में कुछ ठोस होता दिखाई देगा।
उन्होंने कहा, ‘मैं झूठा आश्वासन नहीं देता, मैं आपका सच्चा वकील हूं। आपको न्याय होते दिखाई देगा।’ मंत्री के इस आश्वासन के बाद अभ्यर्थियों की निगाहें अब सरकार के अगले कदम पर टिक गई हैं। घेराव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पिछड़ा वर्ग के सैकड़ों अभ्यर्थी शामिल रहे।






