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Azam Khan Case : सुप्रीम कोर्ट से आजम खान को राहत नहीं, 80 साल की उम्र का हवाला भी नहीं आया काम

ED की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका हाई कोर्ट भेजी गई, कपिल सिब्बल ने हिरासत पर उठाए सवाल, 16 नवंबर तक सुनवाई का अनुरोध

न्यूज डेस्क, 5 नवंबर 2026:

उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी नेता आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। ईडी की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया। कोर्ट ने याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजते हुए वहां जल्द सुनवाई का अनुरोध किया है। हाई कोर्ट से 16 नवंबर तक मामले पर सुनवाई करने को कहा गया है।

सिब्बल ने किया चुनाव से दूर रखने की मंशा का जिक्र

सुनवाई के दौरान आजम खान की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने उनकी उम्र का हवाला देते हुए कहा कि वह 80 साल के हैं। उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। सिब्बल ने दलील दी कि दो पैन कार्ड मामले में जमानत मिलने के बाद जैसे ही आजम खान जेल से बाहर आए, ईडी ने 2019 के एक मामले में उन्हें फिर गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने इस कार्रवाई के पीछे आजम खान को अगले चुनाव से दूर रखने की मंशा होने का आरोप लगाया।

चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा- पहले हाईकोर्ट में रखें अपनी बात

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि आजम खान को पहले हाई कोर्ट में अपनी बात रखनी चाहिए। इसके बाद उनकी याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट भेज दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया है।

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बता दें कि 31 अक्टूबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में आजम खान को जमानत दी थी। इसके बाद उन्हें रामपुर जेल से रिहा किया गया था। वह करीब 11 महीने बाद जेल से बाहर आए थे, लेकिन रिहाई के तुरंत बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में उन्हें हिरासत में ले लिया।

ईडी आजम खान को गाजियाबाद ले गई थी। वहां मेडिकल जांच के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद उन्हें डासना जेल में रखा गया। ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिल सकी।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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