Agniveer Scheme : अग्निवीरों की सर्विस में बड़ा बदलाव, चार नहीं अब छह साल तक सेना में सेवा का मौका
देश के रक्षा प्रमुख ने कैबिनेट ब्रीफिंग में दी जानकारी, 25 फीसदी अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सेना में जगह मिलेगी, बाकी 75 फीसदी को दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल देने की तैयारी

न्यूज डेस्क, 4 नवंबर 2026:
Agniveer Service Extension मोदी कैबिनेट ने अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले युवाओं के लिए सेवा अवधि को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब नियमित सेना में जगह नहीं पाने वाले अग्निवीरों को भी चार साल की सेवा पूरी होने के बाद दो साल तक सेना में काम करने का मौका मिलेगा। इससे उनकी कुल सेवा अवधि छह साल हो जाएगी। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमण्यम ने कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान इस बदलाव की जानकारी दी।
25 फीसदी को नियमित भर्ती का मौका
मौजूदा व्यवस्था के तहत अग्निवीरों में से अधिकतम 25 फीसदी को मेरिट के आधार पर नियमित सेना में शामिल किया जा सकता है। नए बदलाव के मुताबिक, बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों को शुरुआती चार साल की सेवा पूरी करने के बाद दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल दिया जाएगा। पहले इन युवाओं को चार साल बाद सेवा से मुक्त होकर नागरिक जीवन में लौटना होता था।
छह साल बाद फिर हो सकेगा चयन
अतिरिक्त दो साल की सेवा पूरी करने के बाद भी सेना में बने रहने के इच्छुक अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए विचार किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा। यानी छह साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित भर्ती का रास्ता खुल सकता है, लेकिन यह सभी अग्निवीरों के लिए अपने आप मिलने वाली नियुक्ति नहीं होगी।
दिल्ली: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने कहा, "आज कैबिनेट ने सभी अग्निवीरों के लिए भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने का रास्ता खोल दिया है… अग्निवीरों के पहले बैच की चार साल की सेवा अवधि अब पूरी होने वाली है। इन चार सालों के दौरान, हमने उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन किया है और हमें बहुत सकारात्मक फीडबैक मिला है। जैसा कि आप जानते हैं, 25% अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सेना में शामिल किया जाता है। पहले, बाकी 75% अग्निवीरों को सेवा से बाहर होकर, अनुशासित और प्रेरित युवाओं के रूप में समाज में वापस जाना था। लेकिन, अब संशोधित योजना के तहत, बाकी 75% अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि का मौका दिया जाएगा। इस दो साल की अवधि को पूरा करने के बाद, जो अग्निवीर इच्छुक होंगे, उन्हें सशस्त्र बलों में शामिल कर लिया जाएगा, इसके लिए कुछ तय चयन मानदंडों को पूरा करना होगा…"
— IANS Hindi (@IANSKhabar) November 4, 2026
2022 में शुरू हुई थी अग्निपथ योजना
केंद्र सरकार ने साल 2022 में अग्निपथ भर्ती योजना शुरू की थी। इसके तहत थलसेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीरों की भर्ती की जाती है। योजना का मकसद सशस्त्र बलों में युवाओं की भर्ती के तरीके में बदलाव करना है। इसके तहत चुने गए युवाओं को चार साल की सेवा का मौका मिलता है। इसमें प्रशिक्षण का समय भी शामिल रहता है।
नौसेना में ट्रेनिंग से लेकर तैनाती तक की व्यवस्था
भारतीय नौसेना में 10वीं और 12वीं पास युवाओं को अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाता है। चयनित युवाओं को ओडिशा के आईएनएस चिल्का में शुरुआती ट्रेनिंग दी जाती है। इसके बाद अलग-अलग प्रशिक्षण केंद्रों पर उन्हें काम से जुड़ी ट्रेनिंग मिलती है। प्रशिक्षण के दौरान उनकी क्षमता के मुताबिक जहाजों पर समुद्री अनुभव दिया जाता है। आगे चलकर उन्हें जहाजों, एयर स्क्वाड्रन और तटीय ठिकानों पर तैनात किया जाता है।






