उत्तराखंड : सभी कार्यालयों में 1 मई से बायोमैट्रिक हाजिरी अनिवार्य, मुख्य सचिव के निर्देश

देहरादून, 16 अप्रैल 2025:
उत्तराखंड मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित सचिव समिति की बैठक में राज्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सभी विभागीय सचिव मौजूद रहे।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 1 मई से सभी विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से बायोमैट्रिक प्रणाली के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। जिन विभागों में बायोमैट्रिक मशीनें स्थापित नहीं हैं या संख्या में कम हैं, वहां त्वरित रूप से आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। पूर्व में स्थापित मशीनों में यदि कोई तकनीकी खराबी है, तो उसे भी शीघ्र सुधारने के आदेश दिए गए।

महत्वपूर्ण योजनाओं की सूची तैयार करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को राज्यहित और जनहित की दृष्टि से प्राथमिकता वाली योजनाओं की सूची तैयार करने को कहा है, जिससे उनके लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था की जा सके और शीघ्र स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी हो सके। यह सूची नियोजन विभाग को और उसकी प्रतिलिपि मुख्य सचिव कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।
एक करोड़ से अधिक की परियोजनाएं ‘पीएम गतिशक्ति पोर्टल’ के माध्यम से होंगी समीक्षा
बैठक में निर्णय लिया गया कि 1 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा अब पीएम गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए सभी विभागों को पोर्टल पर कार्य करने हेतु आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में ईएफसी बैठकों का आयोजन भी इसी पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।
अनुभागों का वार्षिक निरीक्षण अनिवार्य
सभी विभागीय सचिवों को अपने विभागों के अनुभागों का न्यूनतम एक बार निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही रोस्टर के अनुसार अपर सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव और अनुसचिवों को भी निरीक्षण करने होंगे।
Annual Work Plan तैयार करने के निर्देश
सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्यों के लिए वार्षिक कार्य योजना (Annual Work Plan) तैयार करने को कहा गया है ताकि विभागीय कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें और देरी से बचा जा सके।
परिसंपत्तियों की सूची पोर्टल पर अपलोड अनिवार्य
मुख्य सचिव ने विभागों को निर्देशित किया कि वे अपनी परिसंपत्तियों की अद्यतन सूची तैयार कर उसे Government Assets Inventory पोर्टल पर अपलोड करें। पूर्व में कई विभागों ने यह कार्य किया था, अब सभी विभागों को इसे दोबारा सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
अचल संपत्ति विवरण जरूरी, पदोन्नति से जोड़ा गया
बैठक में यह संज्ञान लिया गया कि कई अधिकारियों द्वारा वार्षिक अचल संपत्ति विवरण समय से नहीं दिया जा रहा है। निर्देश दिए गए कि वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि के साथ अचल संपत्ति का विवरण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाए। यह विवरण भविष्य में पदोन्नति प्रक्रिया से भी जुड़ा रहेगा।
राज्य संग्रहालय और सांस्कृतिक योजनाओं पर जोर
देहरादून में राज्य संग्रहालय की आवश्यकता को देखते हुए इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। कोलागढ़ स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र के अधिकतम उपयोग हेतु कार्ययोजना बनाने को कहा गया है। साथ ही पंजीकृत सांस्कृतिक दलों के बीच पारदर्शी प्रतियोगिता आयोजित कर उन्हें ए, बी, सी श्रेणी में वर्गीकृत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे आवश्यकता अनुसार उनका उपयोग किया जा सके। बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव शैलेश बगोली, श्रीमती राधिका झा, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. नीरज खैरवाल, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान आदि मौजूद थे।






