अनिल निषाद
अयोध्या, 30 मई 2026:
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर के परकोटा के मां भगवती मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज का आरोहण किया गया। ध्वजारोहण का दायित्व राम मंदिर आंदोलन की प्रमुख चेहरों में रहीं साध्वी ऋतंभरा और साध्वी निरंजन ज्योति ने निभाया।
राम मंदिर परिसर के इतिहास में 29 मई की शाम एक और अहम पड़ाव के रूप में दर्ज हो गई। कार्यक्रम की शुरुआत राम मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला में वैदिक अनुष्ठान से हुई। आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुतियां दी गईं। इसके बाद ध्वज का विधिवत पूजन कराया गया। पूजन संपन्न होने के बाद साध्वी ऋतंभरा और साध्वी निरंजन ज्योति ने ध्वज की रस्सी खींचकर मां भगवती मंदिर के शिखर पर उसका आरोहण किया।

ध्वजारोहण के दौरान दुर्गा वाहिनी की पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहीं। आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचीं तीन हजार से अधिक महिला सदस्य शामिल हुईं। पूरे कार्यक्रम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
राम मंदिर परिसर में बने सहायक मंदिरों में अब केवल शेषावतार मंदिर पर ध्वजारोहण होना बाकी है। इस मंदिर पर ध्वज फहराने के लिए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का नाम तय बताया जा रहा है। हालांकि इसके लिए अभी कार्यक्रम की तारीख घोषित नहीं की गई है।
ध्वजारोहण के बाद मौजूद महिलाओं और दुर्गा वाहिनी की कार्यकर्ताओं ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए खुशी जताई। राम मंदिर परिसर में मां भगवती मंदिर पर धर्मध्वज फहरने के साथ ही मंदिर निर्माण से जुड़े एक और महत्वपूर्ण अध्याय की औपचारिकता पूरी हो गई।






