अनिल निषाद
अयोध्या, 1 जून 2026:
आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच राजनीतिक दलों ने आम लोगों से सीधा संवाद बढ़ाने और उनकी समस्याओं के समाधान पर जोर देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी की अयोध्या महानगर इकाई ने संगठन को अधिक सक्रिय, जवाबदेह और जनसरोकारों से जोड़ने के उद्देश्य से साप्ताहिक जनसुनवाई व्यवस्था लागू कर दी है। यह नई व्यवस्था सोमवार से प्रभावी हो गई है।
भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव के मुताबिक पार्टी कार्यकर्ता आधारित संगठन है और हर पदाधिकारी जनता तथा कार्यकर्ताओं के प्रति जवाबदेह है। उन्होंने कहा कि इस नई कार्यप्रणाली से पार्टी कार्यालय की गतिविधियां अधिक व्यवस्थित होंगी और लोगों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया में तेजी आएगी। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को अपनी बात सीधे संगठन तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
नई व्यवस्था के तहत महानगर के विभिन्न पदाधिकारियों को सप्ताह के अलग-अलग दिनों में सहादतगंज स्थित पार्टी कार्यालय में उपस्थित रहने की जिम्मेदारी दी गई है। ये पदाधिकारी कार्यकर्ताओं और आमजन की समस्याएं सुनेंगे। उनका विवरण तैयार करेंगे तथा आवश्यकतानुसार संबंधित जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों तक मामलों को पहुंचाकर समाधान सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगे।
पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार हर हफ्ते के सोमवार को अरविंद सिंह, स्वाती सिंह और अमित मिश्र, मंगलवार को तिलकराम मौर्य, विपिन सिंह एवं मनोज श्रीवास्तव, बुधवार को शशि प्रताप सिंह, शिवम्ह शुक्ला और चंचल कसेरा, गुरुवार को रवि शर्मा, प्रवीण दूबे तथा जय प्रकाश श्रीवास्तव, शुक्रवार को हरिभजन गौड़, रवि सिंह और शुभम श्रीवास्तव और शनिवार को रामप्रीत वर्मा, प्रदीप कुमार यादव व ओमिश अग्रहरी कार्यालय में मौजूद रहेंगे।
रविवार को बालकृष्ण वैश्य, रीना द्विवेदी, सर्वज्ञ सिंह, गरिमा मौर्य और विनय निषाद जनता की समस्याएं सुनेंगे। वहीं महामंत्री शैलेन्द्र कोरी, परमानंद मिश्र और शिवेन्द्र सिंह पूरे जनसंवाद कार्यक्रम का पर्यवेक्षण करेंगे। पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सभी नामित पदाधिकारी सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक कार्यालय में उपलब्ध रहेंगे। वे शिकायतों और समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करने के साथ संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन और कार्यकर्ताओं से समन्वय की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। भाजपा का मानना है कि यह पहल संगठन और जनता के बीच संवाद को और मजबूत करेगी।






