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UP में ग्रीन स्किल क्रांति की नींव, UPCAMP और 15 ज्ञान केंद्रों के बीच हुआ ये एमओयू

अगले पांच वर्षों में प्रदेश के हजारों युवाओं को मिलेगा हरित कौशल प्रशिक्षण, वायु प्रदूषण नियंत्रण और हरित अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति

लखनऊ, 4 जून 2026:

यूपी में स्वच्छ पर्यावरण और हरित विकास को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विश्व बैंक के सहयोग से संचालित उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (UPCAMP) अथॉरिटी और प्रदेश के 15 क्षेत्रीय ज्ञान केंद्रों के बीच पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन निदेशालय में समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल राज्य में क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और हरित कौशल बल (ग्रीन स्किल फोर्स) के विकास को मजबूत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रमुख सचिव वी हेकाली झिमोमी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में UPCAMP की मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी चंद्रकला ने विभिन्न विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर परियोजना के उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद राहिब ने सभी संस्थानों को परियोजना की रूपरेखा और उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी।

एमओयू के तहत अगले पांच वर्षों में प्रदेश के हजारों युवाओं को हरित कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे उन्हें पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़े रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे। इसके साथ ही सरकारी अधिकारियों, स्थानीय निकायों और समुदायों के लिए नियमित क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाएगा, ताकि पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए संस्थागत दक्षता बढ़ाई जा सके।

इस पहल में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, हरकोर्ट बटलर तकनीकी विश्वविद्यालय, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, आईआईटी दिल्ली, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, आईआईटी रुड़की, मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान प्रयागराज समेत कई प्रमुख शिक्षण एवं तकनीकी संस्थान शामिल हैं।

परियोजना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों पर शोध, नवाचार और सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देना है। साथ ही युवाओं को हरित रोजगार के लिए तैयार कर प्रदेश में कुशल मानव संसाधन विकसित करना भी इसका लक्ष्य है।

विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय ज्ञान केंद्रों की सक्रिय भागीदारी से उत्तर प्रदेश में हरित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। यह पहल वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने में सहायक होने के साथ राज्य को पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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