
बाराबंकी, 28 सितंबर 2026:
यूपी के बाराबंकी में बारिश के दौरान जामुन का पेड़ गिरने से 65 वर्षीय महिला उसकी चपेट में आ गई। करीब 18 घंटे बाद उनका शव आलियाबाद-पटरंगा मार्ग पर सड़क किनारे पेड़ के नीचे दबा मिला। हादसे से पहले महिला खेत देखने के लिए घर से निकली थीं, जबकि परिजन रातभर उनकी तलाश करते रहे।
खेत देखने की बात कहकर निकली थीं
ये हादसा दरियाबाद क्षेत्र के आलियाबाद कस्बे में रहने वाले रामबरन की पत्नी चौरासा देवी के साथ हुआ। चौरासा देवी के दो बेटे दूसरे प्रदेशों में रहकर काम करते हैं, जबकि पांच बेटियों की शादी हो चुकी है। चौरासा देवी एक निजी स्कूल में साफ-सफाई का काम करती थीं। रविवार को स्कूल बंद था। वह खेत देखने की बात कहकर घर से निकली थीं। काफी देर बाद भी घर नहीं लौटीं तो परिजनों ने आलियाबाद चौकी पहुंचकर उनके लापता होने की मौखिक सूचना दी। इसके बाद परिवार के लोग रातभर आसपास उनकी तलाश करते रहे।

सुबह पेड़ के नीचे दिखा शव, ग्रामीणों व Fire Brigade ने हटाया पेड़
दूसरे दिन सुबह करीब पांच बजे कुछ ग्रामीण आलियाबाद-पटरंगा मार्ग से गुजर रहे थे। सड़क किनारे गिरे जामुन के पेड़ पर उनकी नजर पड़ी। पेड़ के नीचे शव दिखाई देने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों के मुताबिक जामुन का पेड़ तेज आंधी व बारिश में गिरा था। आशंका है कि इसी दौरान चौरासा देवी पेड़ की चपेट में आ गईं। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। Fire Brigade कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ हटाकर महिला का शव बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ग्रामीण व परिजनों को शोक के साथ अफसोस
हादसे के बाद गांव में रहने वाले लोग यही कह रहे थे कि लगातार मौसम खराब होने से लोगों की आवाजाही कम हो गई थी। पेड़ गिरने की खबर तो मिली लेकिन उसके नीचे कोई दबा है, इसकी भनक तक नहीं लग सकी। समय रहते पता चल जाता तो शायद चौरासा देवी की जान बच जाती। फिलहाल सूचना पाकर बेटे व बेटियां भी मां के अंतिम दर्शन व संस्कार के लिए पहुंच रहे हैं।






