बाराबंकी न्यूज : देवा मेले में दमके अकीदत के रंग, सूफियाना कव्वाली की महफिल सजी, मजारों पर चादरपोशी
छाप तिलक सब छीनी व दमादम मस्त कलंदर सुनकर झूम उठे दर्शक, डीएम ईशान प्रताप व एडीएम निरंकार सिंह की अगुवाई में मजारों पर अर्पित की गई चादर

संदीप पटेल
बाराबंकी, 30 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में चल रहे देवा मेला-2026 में सूफियाना संगीत के साथ चादरपोशी का आयोजन हुआ। एक तरफ स्थानीय कव्वालों ने दमादम मस्त कलंदर, छाप तिलक सब छीनी, ताजदारे हरम जैसे मशहूर कलामों से महफिल सजाई, वहीं दूसरी तरफ सूफी संत हाजी वारिस अली शाह व उनके वालिद सैयद कुर्बान अली शाह की मजार पर पारंपरिक तरीके से चादर चढ़ाई गई। चादर जुलूस में हजारों जायरीन शामिल हुए।
स्थानीय कव्वालों ने बांधा समां
देवा मेले की सांस्कृतिक संध्या में कव्वाल साहब वारसी देवा ने दमादम मस्त कलंदर से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने छाप तिलक सब छीनी सहित कई आशिकाना गजलें व सूफियाना कलाम पेश किए। उनकी गायकी पर पंडाल में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया।
कव्वाल अजीज वारसी की टीम ने दमादम मस्त कलंदर व सांसों की माला जैसे लोकप्रिय कलाम सुनाए। वहीं अफ्फान हुसैन वारसी व उनकी टीम ने ताजदारे हरम, बेखुद किए रहते हैं व आज रंग है की प्रस्तुति दी। गुफरान वारसी व कौनेन वारसी सहित दूसरे स्थानीय कव्वालों ने भी अपनी गायकी से लोगों का ध्यान खींचा। कव्वाली की प्रस्तुतियों के दौरान पंडाल में देर तक तालियों की गूंज सुनाई देती रही। स्थानीय कलाकारों ने सूफी संगीत की मशहूर रचनाओं के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाई।

पीएसी बैंड के साथ निकला चादर जुलूस
देवा मेला व प्रदर्शनी समिति के आयोजन में गुरुवार शाम चादर जुलूस निकाला गया। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह व अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह की अगुवाई में निकले जुलूस में पीएसी बैंड की धुनों के साथ बड़ी संख्या में जायरीन शामिल हुए। जुलूस पहले सैयद कुर्बान अली शाह की मजार पर पहुंचा, जहां चादर चढ़ाई गई। इसके बाद जुलूस हाजी वारिस अली शाह की मजार पर पहुंचा। यहां भी चादरपोशी कर अमन-चैन, खुशहाली व आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी गई।






