लखनऊ, 1 मई 2026:
बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बौद्ध भिक्षुओं संग दिखे। बुद्ध वंदना और उपदेशों के जरिए शांति, समानता और करुणा का संदेश दिया गया। वहीं अखिलेश ने सीएम योगी पर तीखे वार किए। भाजपा को गिरगिट व सीएम की भाषा को गिरगिटी बताया।
इस दौरान अखिलेश यादव ने प्रदेशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं और सामाजिक एकता पर जोर दिया। उन्होंने मौजूदा हालात को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज को साथ लेकर आगे बढ़ने की जरूरत है। लुम्बिनी, सारनाथ और कुशीनगर के विकास के संकल्प को भी दोहराया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गिरगिट वाले बयान पर जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती।असली गिरगिट का काम भारतीय जनता पार्टी कर रही है। ये सब मिलकर साजिश कर रहे हैं। भाजपा महिलाओं को धोखा देना चाहती थी उसका पर्दाफाश हो गया है। इसीलिए अपनी हार को छिपाने के लिए महिलाओं को मुद्दा बना कर रखना चाहते है। नारी वंदन को नारा बनाना चाहते है। महिला मुद्दा बने, नारी नारा बन जाए इसी साजिश में ये लगातार सड़कों व सदन में काम कर रहे है। सीएम की भाषा गिरगिटी है। सीएम हालात के हिसाब से बयान बदलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता से उनकी विदाई का वक्त नजदीक है।

उन्होंने कहा कि यह सभी दलों की सहमति से पास हुआ था, लेकिन भाजपा इसे राजनीतिक रंग दे रही है। उनके मुताबिक इस मुद्दे को उछालकर जनता का ध्यान दूसरी समस्याओं से हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने परिसीमन और संशोधन बिल पर भी सवाल उठाए और कहा कि लंबे समय से डेटा इकट्ठा कर राजनीतिक रणनीति बनाई जा रही है।
कानून-व्यवस्था को लेकर उन्होंने बुलडोजर नीति पर निशाना साधा और हरदोई व वाराणसी की घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके अलावा स्मार्ट मीटर योजना, गेहूं खरीद में देरी, श्रम कानूनों में बदलाव और अयोध्या मास्टर प्लान में बार-बार बदलाव को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि योजनाओं के जरिए खास लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने मजदूर दिवस पर नोएडा के मजदूरों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने व हरदोई की घटना की सीबीआई जांच की मांग रखी।
कार्यक्रम के दौरान बौद्ध भिक्षुओं के बुद्धं शरणं गच्छामि के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। भिक्षुओं ने बौद्ध धर्म के उपदेश सुनाए। एक भिक्षु ने मुलायम सिंह यादव के कामों का जिक्र करते हुए महिलाओं के लिए उनके योगदान को याद किया और ओबीसी को संसद में आरक्षण देने की मांग उठाई। कुछ वक्ताओं ने आरएसएस पर भी टिप्पणी की और अपने विचार रखे।






