
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 22 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ अब अधिक सुगम और समय से दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने नवनियुक्त निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर बीएस बसेड़ा (सेनि.) से मुलाकात के दौरान पूर्व सैनिक कल्याण सेवाओं में तकनीक और डिजिटलीकरण के अधिकतम इस्तेमाल पर जोर दिया। लोक भवन में हुई शिष्टाचार भेंट के दौरान राज्यपाल ने कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक कागजी कार्रवाई और दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
राज्यपाल ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का प्रभावी इस्तेमाल कर पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने ईसीएचएस की चिकित्सा सुविधाओं और सीएसडी सेवाओं को और अधिक सुगम बनाने पर भी विशेष जोर दिया। साथ ही वरिष्ठ एवं बुजुर्ग पूर्व सैनिकों के लिए सीएसडी की सुविधाएं घर तक उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा। इससे बुजुर्ग पूर्व सैनिकों को लंबी दूरी तय कर कैंटीन पहुंचने और भीड़ में इंतजार करने की परेशानी से राहत मिल सकती है। उन्होंने निर्माणाधीन सैन्य धाम की प्रगति और उससे जुड़े विषयों की जानकारी भी ली।

उन्होंने कहा कि सैन्य धाम सैनिकों और उनके परिवारों के लिए आस्था, सम्मान और गौरव का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके संचालन और क्रियान्वयन को प्रभावी बनाने की दिशा में भी ठोस कार्य किए जाने की जरूरत है। नवनियुक्त निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर बीएस बसेड़ा पिथौरागढ़ जिले के भंडारी गांव, देवलथल के निवासी हैं। तीसरी पीढ़ी के सैन्य अधिकारी रहे ब्रिगेडियर बसेड़ा ने 34 वर्षों का सैन्य करियर पूरा किया है। वे इससे पहले केंद्रीय सैनिक बोर्ड में सचिव के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं। मुलाकात के दौरान पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़े कई अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई।






