Gorakhpur

Fraud : पर्सनल डायरी में दिखा ‘अरबपति’ बनने का जुनून, युवती ने ऐसे ठगे करोड़ों, अफसर पिता भी बने साथी

लोन दिलाने, EMI भरने, Loan Waiver का झांसा देकर 10 से ज्यादा लोगों से करीब 1.67 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप, पुलिस ने रेलवे में स्टेशन मास्टर पिता व पुत्री को गिरफ्तार किया, ठेकेदार पति व अन्य की तलाश जारी, डायरी में रोज लिखती थी अरबपति बनने की बात

गोरखपुर, 5 अगस्त 2026:

गोरखपुर में रेलवे के स्टेशन अधीक्षक की बेटी पर करोड़पति बनने की चाह में करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी गरिमा सिंह लोगों को बैंक से लोन दिलाने, उसकी EMI खुद भरने और बाद में Loan Waiver कराने का भरोसा देकर रकम अपने खाते में ट्रांसफर कराती थी। इस मामले में पुलिस ने गरिमा सिंह के साथ उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पति की ठेकेदारी ठंडी पड़ी थी, डायरी में रोज लिखती थी अपना टॉरगेट

गरिमा सिंह गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र की महादेवी झारखंडी कॉलोनी की रहने वाली है। उसकी शादी साल 2020 में कुशीनगर के सुकरौली निवासी भानू प्रताप सिंह से हुई थी। भानू प्रताप ठेकेदारी का काम करता है। उसका काम ठीक नहीं चल रहा था। कुछ समय से दोनों गरिमा के पिता ध्रुव नारायण सिंह के घर रह रहे थे। पुलिस को गरिमा के पास से एक डायरी मिली है। उसमें वह रोज अपने लिए लक्ष्य लिखती थी। डायरी में दर्ज एक नोट के मुताबिक उसने अप्रैल 2026 तक अरबपति बनने, सभी लोन खत्म करने और 100 करोड़ रुपये कमाने का लक्ष्य लिखा था। साथ ही भगवान का धन्यवाद भी लिखती थी।

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पिता ने ही जान-पहचान के लोगों से मिलवाया

पुलिस के अनुसार ध्रुव नारायण सिंह सहजनवां रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक हैं। पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने अपनी जान-पहचान के रेलवे कर्मचारियों और लोन लेने के इच्छुक लोगों को बेटी से मिलवाया। इसके बाद गरिमा उन्हें अपने झांसे में लेती थी।
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ऐसे करती थी ठगी

पुलिस के मुताबिक गरिमा दो तरह के लोगों को निशाना बनाती थी। एक वे जिन्हें नए लोन की जरूरत होती थी, दूसरे वे जिन पर पहले से लोन चल रहा होता था। वह लोगों से कहती थी कि नया लोन ले लीजिए, उसकी EMI वह खुद जमा करेगी। बैंक से लोन मंजूर होने के बाद वह कुल रकम का छोटा हिस्सा पीड़ित को देती, जबकि बाकी पैसा अपने खाते में ट्रांसफर करा लेती थी।

रेलवे कर्मचारी की शिकायत से खुला मामला

मामले का खुलासा रेलवे कर्मचारी सत्यप्रकाश सिंह की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने पुलिस को बताया कि ध्रुव नारायण सिंह ने उनकी मुलाकात गरिमा से कराई थी। गरिमा ने उनका कार लोन खत्म कराने का भरोसा दिया और अलग-अलग बैंकों से करीब 1.67 करोड़ रुपये का पर्सनल लोन दिलवा दिया। शुरुआती तीन महीने तक उसने EMI भरी, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया। इसके बाद बैंक की ओर से नोटिस और कॉल आने लगे।

कई लोगों से ठगी का आरोप

जांच में सामने आया कि गरिमा पर कई अन्य लोगों से भी इसी तरह ठगी करने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं में रेलवे कर्मचारी और डॉक्टर समेत कई लोग शामिल हैं। सभी ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने गरिमा सिंह, उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह, पति भानू प्रताप सिंह समेत विशाल यादव, राजेंद्र कुमार, चंद्रप्रकाश, दिनकर मणि त्रिपाठी और संजय सिंह उर्फ जयप्रकाश सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। पिता-पुत्री को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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