ब्लॉक स्तर पर हाईटेक स्वास्थ्य क्रांति : UP में 142 बीपीएचयू से गांवों तक पहुंचेगी आधुनिक चिकित्सा
50 लाख प्रति यूनिट की लागत से तैयार होंगी सुविधाएं, एक ही परिसर में जांच, पंजीकरण और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था, गांव के करीब मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा
लखनऊ, 24 मार्च 2026:
यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। योगी सरकार प्रदेश के विभिन्न ब्लॉकों में 142 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) स्थापित करने जा रही है। इससे ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं अपने नजदीक ही मिल सकेंगी।
इन बीपीएचयू को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए प्रति यूनिट लगभग 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। हर यूनिट में इंचार्ज कक्ष, रजिस्ट्रेशन रूम, वेटिंग एरिया और सेंट्रल इंटीग्रेटेड लैब जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। खास बात यह है कि इनका निर्माण नए भवनों में नहीं बल्कि मौजूदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के भीतर ही किया जाएगा। इससे पहले से मौजूद ढांचे को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह के अनुसार यह योजना भवन निर्माण तक सीमित नहीं है। भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य ब्लॉक स्तर पर ही अधिकतम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इससे मरीजों को छोटी-बड़ी जांच और प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पतालों का रुख न करना पड़ेगा।
इस पहल से ग्रामीण इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब उन्हें इलाज के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
निर्माण कार्य जिला पंचायतों के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के समन्वय में किया जाएगा। जिलाधिकारी की निगरानी में सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार पूरे होंगे। इसके अलावा ब्लॉक और ग्राम पंचायतों को भी योजना बनाने और निगरानी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। यह पहल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के साथ-साथ सबके लिए सुलभ स्वास्थ्य के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगी।






