
प्रयागराज, 16 अगस्त 2026:
यूपी के प्रयागराज जिले के मांडा क्षेत्र के उमापुर गांव के पास रेलवे लाइन पर मालगाड़ी की चपेट में आने से मां-बेटी की मौत हो गई। तीन साल की देविका को दवा दिलाने निकली कस्तूरा देवी के साथ यह हादसा हुआ। बेटी अचानक हाथ छुड़ाकर रेलवे ट्रैक पर दौड़ पड़ी थी।
दवा दिलाने घर से निकली थी मां
उमापुर गांव निवासी रमाशंकर निषाद रिक्शा चलाते हैं। उनकी तीन साल की बेटी देविका की एक बांह में फोड़ा हो गया था। शनिवार शाम रमाशंकर की 28 वर्षीय पत्नी कबूतरा देवी बेटी को डॉक्टर को दिखाने के लिए घर से निकली थी।
ट्रैक पर पहुंचते ही बच्ची ने छोड़ा हाथ
घर से करीब 20 मीटर दूर पहुंचने पर देविका ने अचानक मां का हाथ छुड़ा लिया। इसके बाद वह DFC ट्रैक की तरफ दौड़ गई। उसी वक्त सामने से मालगाड़ी आ रही थी। बेटी को ट्रैक पर जाते देख मां उसे बचाने के लिए पीछे दौड़ी।

बचाने की कोशिश में दोनों ट्रेन की चपेट में आईं
ग्रामीणों के मुताबिक कबूतरा रेलवे लाइन से हटने के लिए शोर मचाते हुए बेटी के पीछे भाग रही थी। वह बच्ची तक पहुंच पाती, इससे पहले दोनों मालगाड़ी की चपेट में आ गईं। हादसे में मां-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई।

बेबस होकर दूर से देखा ग्रामीणों ने भयावह मंजर
घटना के समय रमाशंकर घर पर नहीं थे। वह शहर में रिक्शा चला रहे थे। ग्रामीणों ने हादसे की जानकारी उन्हें फोन पर दी। सूचना मिलने के बाद वह रात में गांव पहुंचे। ट्रैक पर मां-बेटी के शव देखकर परिवार में मातम छा गया। ग्रामीणों ने भी मौत का भयावह मंजर देखा। उनका कहना था कि देविका ट्रैक पर दौड़ रही थी। पीछे उसकी मां भी भागी लेकिन वो बेबसी से देखते ही रहे और हादसा हो गया।






