न्यूज डेस्क, 9 जून 2026:
सूरज डूबते ही आज पश्चिम दिशा में एक ऐसा नजारा दिखाई देगा जहां दो चमकते ग्रह शुक्र (Venus) और बृहस्पति (Jupiter) एक-दूसरे के बेहद करीब दिखाई देंगे। खगोल विज्ञान में इस स्थिति को ‘प्लैनेटरी कंजंक्शन’ यानी ग्रहों का आकाशीय संयोग कहा जाता है।
बताया जा रहा है कि ये नजारा सूर्यास्त के लगभग 30 से 60 मिनट के बाद सबसे स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। इस दौरान पृथ्वी से देखने पर दोनों ग्रहों के बीच दूरी लगभग 1.5 से 1.6 डिग्री के आसपास होगी जिससे वे आकाश में लगभग एक साथ जुड़े हुए प्रतीत होंगे।
हालांकि यह समझना जरूरी है कि यह कोई वास्तविक मिलन या टकराव नहीं है। असल में शुक्र और बृहस्पति के बीच अंतरिक्ष में करोड़ों किलोमीटर की दूरी है लेकिन पृथ्वी से देखने पर उनकी स्थिति ऐसी बनती है कि वे बेहद करीब नजर आते हैं।

नेहरू तारामंडल के विशेषज्ञों के मुताबिक यह खगोलीय घटना ग्रहों की अलग-अलग कक्षीय गति के कारण होती है। शुक्र जिसे सबसे चमकीला ग्रह माना जाता है, सूर्य की परिक्रमा लगभग 224 दिनों में पूरी करता है। वहीं बृहस्पति जो सौरमंडल का सबसे विशाल ग्रह है, सूर्य की एक परिक्रमा में करीब 12 साल का समय लेता है।
इन्हीं अलग-अलग गतियों के कारण लगभग एक दशक के बाद ऐसा संयोजन देखने को मिलता है लेकिन हर बार इसकी चमक और नजदीकी अलग होती है। इस बार खास बात यह है कि दोनों ग्रह आकाश में बेहद चमकीले और साफ नजर आएंगे।
शुक्र चांदी जैसे सफेद तेज प्रकाश के रूप में दिखाई देगा जबकि बृहस्पति हल्के पीले या सुनहरे रंग की स्थिर रोशनी के साथ नजर आ सकता है। अगर मौसम साफ रहा तो यह दृश्य बिना किसी उपकरण के नंगी आंखों से आसानी से देखा जा सकता है।
हालांकि दूरबीन या छोटे टेलीस्कोप से देखने पर अनुभव और भी शानदार हो सकता है। बताया जा रहा है कि यह सिर्फ एक दृश्य नहीं बल्कि ब्रह्मांड की विशालता और उसकी खूबसूरत व्यवस्था को महसूस करने का एक दुर्लभ अवसर है जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा।






