Varanasi

संस्कृति संसद 2026 : राम मंदिर के खजाने से एक लाख बच्चों की पढ़ाई, गौशालाओं के लिए भी शंकराचार्य ने रखी बड़ी मांग

वाराणसी न्यूज : स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की बात कही, चंपत राय ने गोवा इनक्विजिशन का इतिहास पढ़ने की सलाह दी, कॉन्क्लेव में युवाओं से हुआ विमर्श

वाराणसी, 4 नवम्बर 2026:

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में चल रही संस्कृति संसद के दूसरे दिन मठ-मंदिरों की संपत्ति के इस्तेमाल को लेकर शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर के कोष से कम से कम एक लाख बच्चों की पढ़ाई के लिए गुरुकुल खोले जाने चाहिए। इसके साथ ही एक से डेढ़ लाख गायों के लिए गौशालाएं बनाने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए।

वाराणसी के सिगरा स्थित रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में चल रहे आयोजन में ‘युवा विमर्श Gen Z Conclave’ भी हुआ। संसद में सुमेरु पीठाधीश्वर नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति की रक्षा के लिए मठ-मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से बाहर कर सनातनियों के हाथों में सौंपना जरूरी है। काशी विश्वनाथ मंदिर और राम जन्मभूमि जैसे धार्मिक स्थलों की संपत्ति का इस्तेमाल गुरुकुल, गौशाला और संस्कारशालाएं चलाने में किया जाना चाहिए। मंदिरों के कोष का लाभ समाज और धार्मिक गतिविधियों तक पहुंचना चाहिए।

विदेशी ताकतें देश मे करा रहीं विरोध-प्रदर्शन

राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने गोवा में पुर्तगाली शासन के दौरान हुए अत्याचारों का जिक्र किया। उन्होंने इस इतिहास को समझने के लिए गोवा इनक्विजिशन किताब पढ़ने की सलाह दी। चंपत राय ने कहा कि विदेशी ताकतें युवाओं को गुमराह कर सड़क पर विरोध प्रदर्शन करा रही हैं। देश को ऐसी ताकतों से बचाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक चेतना जगाने, राष्ट्रीय एकता मजबूत करने और त्योहारों के प्रति लोगों की घटती रुचि को दूर करने में संत समाज अहम भूमिका निभा सकता है।

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बच्चों को आठवें वर्ष से संस्कार देने के लिए गुरुकुल पर जोर

जगतगुरु डॉ. चंद्रशेखर शिवाचार्य ने कहा कि सनातन परंपरा में बच्चों को आठवें वर्ष से दीक्षा और उपनयन संस्कार के जरिए संस्कारित करने की व्यवस्था रही है। इसका मकसद बच्चों में माता-पिता के प्रति सम्मान, देशभक्ति और धर्म के प्रति जागरूकता पैदा करना है।उन्होंने कहा कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में यह परंपरा कमजोर हुई है। इसे देखते हुए संत समाज अलग-अलग जगहों पर गुरुकुल स्थापित कर रहा है। इसके जरिए युवाओं को अपनी संस्कृति और धर्म से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

स्वामी अनिलानंद ने राजनीतिक दलों पर साधा निशाना

अखिल भारतीय संघ समिति के कार्यकारी अध्यक्ष स्वामी अनिलानंद ने कहा कि युवाओं को सही संस्कार और संस्कृति से जोड़कर तैयार किया जाए तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कुछ राजनीतिक दलों पर बच्चों को गलत दिशा में ले जाने का आरोप लगाया। स्वामी अनिलानंद के मुताबिक, संस्कृति संसद के जरिए संत समाज युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का संकल्प लेकर काम कर रहा है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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