लखनऊ, 11 मई 2026:
यूपी में युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए योगी सरकार ने अब मिशन मोड में बड़ा अभियान शुरू किया है। प्रदेश को देश का सबसे बड़ा स्किल हब बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में 13 प्रमुख विभागों को कौशल प्रशिक्षण प्रस्ताव भेजे गए हैं। सरकार अगले तीन महीनों में लाखों युवाओं को उद्योग आधारित और रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने की तैयारी में जुट गई है।
सरकार का फोकस केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमशीलता से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत शहरी गरीब परिवारों, ग्रामीण युवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों, अल्पसंख्यक समुदाय, निर्माण श्रमिक परिवारों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को उनकी रुचि और उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। इतना ही नहीं कारागारों में निरुद्ध युवाओं को भी कौशल प्रशिक्षण देकर मुख्यधारा से जोड़ने की रणनीति बनाई गई है।
राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कौशल विकास को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की सबसे मजबूत नींव मान रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर वर्ग तक प्रशिक्षण पहुंचाने के लिए विभागीय समन्वय के साथ तेजी से काम किया जा रहा है।
यूपीएसडीएम के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने संबंधित विभागों को पत्र जारी कर प्रशिक्षण लक्ष्य और कार्ययोजना साझा करने का अनुरोध किया है। जून के पहले सप्ताह में विभागवार प्रशिक्षण लक्ष्य आवंटित किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही सभी विभागों से नोडल अधिकारी नामित करने को कहा गया है जिससे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को तेज गति से लागू किया जा सके।
योजना के तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, सूडा, ग्राम्य विकास विभाग, महिला कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, पर्यटन विभाग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय समेत 13 विभागों को इस अभियान से जोड़ा गया है। सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के कॉस्ट कॉमन नॉर्म्स के अनुसार संचालित होंगे, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
मिशन निदेशक पुलकित खरे के अनुसार यूपीएसडीएम को राष्ट्रीय स्तर पर एनसीवीईटी की ‘अवार्डिंग बॉडी’ मान्यता प्राप्त है। पिछले 9 वर्षों में मिशन द्वारा 8,09,494 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 3,04,810 युवाओं को रोजगार और सेवायोजन से जोड़ा गया। योगी सरकार का लक्ष्य अब उत्तर प्रदेश को केवल जनसंख्या नहीं, बल्कि प्रशिक्षित मानव संसाधन और रोजगार सृजन के मामले में भी देश का नंबर-1 राज्य बनाना है।






