
वाराणसी, 21 सितंबर 2026:
यूपी के वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में पद्मश्री डॉ. टीके लहरी से कथित मारपीट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। प्रोफेसर डॉ. ओमशंकर ने वीडियो जारी कर घटना से जुड़े कई दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास घटना के समय मौके पर मौजूद एक चश्मदीद की जानकारी है, जो उस दिन हुई पूरी घटना के बारे में बता सकता है।
29 अगस्त को मारपीट का दावा
प्रो. ओमशंकर ने फेसबुक पोस्ट में दावा किया कि 29 अगस्त को सुबह करीब 11 बजे डॉ. अरविंद पांडे ने डॉ. टीके लहरी के साथ कथित तौर पर थप्पड़ और घूंसों से मारपीट की। उनके मुताबिक, उस समय डॉ. लहरी खुद को ठीक महसूस कर रहे थे और घर जाना चाहते थे। ओमशंकर ने कहा कि उन्होंने घटना के बाद डॉ. लहरी से मुलाकात की थी। उनका दावा है कि उस समय उन्हें मनोरोग से जुड़े कोई लक्षण नजर नहीं आए।
आंख और चेहरे पर दिखे थे चोट के निशान
प्रो. ओमशंकर ने घटना के दिन की तस्वीरों का हवाला देते हुए डॉ. लहरी की आंख और भौंह के आसपास सूजन व नीले निशान होने की बात कही। उन्होंने गाल और ललाट पर उंगलियों के निशान और नाक के पास खून आने का भी दावा किया। बाईं आंख के आसपास चोट के निशान होने की बात भी उन्होंने कही है।
व्हाट्सएप ग्रुप के संदेश का भी जिक्र
ओमशंकर ने आरोप लगाया कि घटना सामने आने के बाद डॉ. अरविंद पांडे ने IMS BHU के व्हाट्सऐप ग्रुप में डॉ. लहरी पर बल प्रयोग किए जाने की बात स्वीकार की थी। हालांकि, इस संदेश की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद स्वास्थ्य परीक्षण समिति बनाई गई, लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। ओमशंकर ने सवाल उठाया कि डॉ. लहरी वरिष्ठ चिकित्सक होने के साथ पद्मश्री सम्मान से सम्मानित हैं, ऐसे में जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने में देरी क्यों हो रही है।
अस्पताल प्रशासन के रवैये पर भी सवाल
प्रो. ओमशंकर ने सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक के कथित बयानों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि अस्पताल प्रशासन घटना से इनकार करता रहा, जबकि उस समय ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों से जानकारी लेकर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के समय मौजूद कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी दी जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चश्मदीद के बयान का किया दावा
प्रो. ओमशंकर के मुताबिक, उनके पास घटना के एक चश्मदीद का बयान है। उन्होंने कहा कि चश्मदीद सामने आकर बताएगा कि 29 अगस्त को डॉ. लहरी के साथ वास्तव में क्या हुआ था। उन्होंने इस संबंध में फेसबुक पर तस्वीरें और वीडियो भी जारी किए हैं। इस मामले में बीएचयू और जिला प्रशासन की ओर से गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक होने का इंतजार है।






