Uttarakhand

पहाड़ों को छुएगी ट्रेन की रफ्तार : धामी ने रेलवे बोर्ड के सामने रखीं उत्तराखंड की बड़ी जरूरतें

टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना की डीपीआर तैयार, नवंबर 2026 तक ठोस प्रोग्रेस की उम्मीद जताई, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन को तय समय में पूरा करने पर जोर, चारधाम यात्रा को मिलेगा बड़ा सहारा, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की समेत प्रमुख स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने पर भी चर्चा

देहरादून, 19 जून 2026:

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार की अगुवाई में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। बैठक में उत्तराखंड में रेलवे नेटवर्क के विस्तार, चल रही परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने और भविष्य की जरूरतों को लेकर चर्चा हुई।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत रेलवे कनेक्टिविटी से उत्तराखंड में पर्यटन, तीर्थाटन, निवेश और स्थानीय कारोबार को नई रफ्तार मिलेगी। उन्होंने ऋषिकेश- कर्णप्रयाग रेल परियोजना को राज्य की सबसे अहम और रणनीतिक परियोजनाओं में गिनाते हुए इसके काम को तय समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे बदरीनाथ और केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सफर ज्यादा आसान, सुरक्षित और आधुनिक होगा।

टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने बताया कि परियोजना का सर्वे और डीपीआर तैयार हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि नवंबर 2026 तक इस परियोजना में साफ तौर पर प्रोग्रेस दिखाई देनी चाहिए। इसके अलावा कर्णप्रयाग- बागेश्वर रेल लाइन और किच्छा-खटीमा रेल लाइन को भी क्षेत्रीय संतुलन और भविष्य की जरूरतों के लिहाज से अहम बताते हुए आगे बढ़ाने की बात कही गई।

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CM Dhami Meets Railway Board Chief to Discuss Projects (1)

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लगातार बढ़ रहे पर्यटन और तीर्थाटन को देखते हुए रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की गढ़वाल मंडल के प्रमुख प्रवेश द्वार हैं, जबकि हल्द्वानी, काठगोदाम, रामनगर और टनकपुर कुमाऊं के अहम स्टेशन हैं। इन स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधाओं का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया गया।

आगामी कुंभ और कांवड़ मेले को देखते हुए हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने की जरूरत पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और रेलवे के तालमेल से श्रद्धालुओं को बेहतर और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिल सकेगा।

बैठक में हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन को डबल लाइन बनाने की दिशा में तेजी से काम बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण से राज्य में निवेश, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए मौके पैदा होंगे। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने भरोसा दिलाया कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता के साथ काम किया जाएगा। बैठक में सचिव बृजेश कुमार संत और अपर सचिव रीना जोशी भी मौजूद रहीं।

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