
वाराणसी, 27 जुलाई 2026:
दालमंडी सड़क चौड़ीकरण को लेकर सोमवार को चौड़ीकरण की जद में आ रही लंगड़ा हाफिज मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई आज शुरू हो गई। मस्जिद प्रबंधन से जुड़े लोगों की मौजूदगी में निर्माण के उस हिस्से को हटाया जा रहा है, जो प्रस्तावित सड़क की सीमा में आ रहा है। मौके पर ध्वस्तीकरण के साथ मलबा हटाने का काम भी जारी रहा।
सात निर्माणों में मस्जिद भी शामिल
दालमंडी चौड़ीकरण योजना में कुल 187 निर्माण चिन्हित किए गए थे। इनमें छह मस्जिदें भी शामिल थीं। ज्यादातर निर्माण पहले ही हटाए जा चुके हैं। अब सिर्फ सात निर्माण बाकी हैं। इनमें लंगड़ा हाफिज मस्जिद का हिस्सा भी शामिल है। प्रशासन के मुताबिक मस्जिद का कुछ हिस्सा प्रबंधन ने खुद हटाने की बात कही, जबकि बाकी छह निर्माणों को प्रशासन की निगरानी में हटाया जाएगा।
आज से शुरू हुआ मस्जिद का हिस्सा हटाने का काम
मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई सोमवार से शुरू कर दी गई। इसके लिए पहले से चिह्नित हिस्से पर काम कराया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए प्रशासन की तरफ से पूरी व्यवस्था रखी गई। चौड़ीकरण की जद में आने वाले हिस्से को हटाने के बाद वहां जमा मलबा भी तत्काल हटाया जा रहा है।
मशीनों से हटाया जा रहा मलबा
दालमंडी में पिछले दिनों कई निर्माणों को हटाने की कार्रवाई हुई थी। कुछ भवनों के टूटने के बाद बचे हिस्सों को भारी मशीनों की मदद से हटाया गया। अब प्रशासन का फोकस सिर्फ निर्माण हटाने पर नहीं, बल्कि सड़क की जमीन को पूरी तरह खाली कराने पर भी है। मलबा हटने के बाद सड़क निर्माण के लिए जगह साफ हो जाएगी।

छह निर्माणों पर प्रशासन की कार्रवाई बाकी
लंगड़ा हाफिज मस्जिद के हिस्से को प्रबंधन की तरफ से हटाए जाने के बाद अब चौड़ीकरण अभियान में छह अन्य निर्माण बाकी रह जाएंगे। प्रशासन इन निर्माणों को भी जल्द हटाने की तैयारी में है। इसके बाद दालमंडी चौड़ीकरण की जमीन पर सड़क निर्माण का काम शुरू कराया जा सकेगा।
17.4 मीटर चौड़ी होगी दालमंडी की सड़क
दालमंडी में बनने वाली नई सड़क की कुल चौड़ाई 17.4 मीटर रखी गई है। योजना के मुताबिक दोनों तरफ पांच-पांच मीटर चौड़ी सड़क होगी। इसके साथ 3.2-3.2 मीटर चौड़े फुटपाथ बनाए जाएंगे। दोनों तरफ आधा-आधा मीटर चौड़ी नालियां भी प्रस्तावित हैं। चौड़ीकरण Project में सड़क के साथ Underground Utilities पर भी काम किया जाएगा। बिजली, पेयजल समेत दूसरी जरूरी सेवाओं की लाइनें फुटपाथ के नीचे डाली जाएंगी। इससे आने वाले समय में किसी लाइन की मरम्मत या नई कनेक्शन व्यवस्था के लिए बार-बार सड़क खोदने की जरूरत कम होगी।






