Varanasi

Fake Trading Company का पर्दाफाश, 21 युवतियों समेत 32 गिरफ्तार, पुलिस ने ट्रेडर बनकर पकड़ा खेल

फर्जी ट्रेडिंग ऑफिस से Online Investment के नाम पर लोगों को फंसाने का आरोप, कॉल सेंटर में काम करने वाले खुद को Multinational Company का एजेंट बताते थे, अमेरिकी नागरिकों को भी Apple Customer Support बनकर निशाना बनाने की बात सामने आई

वाराणसी, 31 जुलाई 2026:

वाराणसी में साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम ब्रांच ने भेलूपुर थाना क्षेत्र के महमूरगंज स्थित शाही टावर में चल रहे एक संदिग्ध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने यहां से 21 युवतियों समेत 32 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 11 युवक भी शामिल हैं।

पुलिस की टीम ने कार्रवाई से पहले पूरा प्लान तैयार किया। साइबर क्राइम ब्रांच के दरोगा और सिपाही खुद ट्रेडर और बायर बनकर कॉल सेंटर तक पहुंचे। टीम ने आरोपियों से ट्रेडिंग और Investment को लेकर बातचीत की। ठगी के तरीके को समझने के बाद पुलिसकर्मियों ने 10 करोड़ रुपये Investment की फाइल तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

फर्जी कंपनी के नाम पर चल रहा था कॉल सेंटर

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जांच में सामने आया कि शाही टावर में एक फर्जी Trading Company के नाम पर ऑफिस बनाया गया था। यहां बैठे कॉलर लोगों को Online Trading, Investment, Digital Marketing और Buyers उपलब्ध कराने के नाम पर संपर्क करते थे। ज्यादा मुनाफे का लालच देकर उन्हें रकम लगाने के लिए तैयार किया जाता था।
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कॉलर खुद को एक Multinational Company का अधिकृत एजेंट बताते थे। भरोसा बढ़ाने के लिए ग्राहकों को फर्जी Certificate और दूसरे Documents भी दिखाए जाते थे। इसके बाद अलग-अलग माध्यमों से उनसे रकम जमा कराई जाती थी।

पुलिस ने पहले भरोसा जीता, फिर बुलाई फोर्स

साइबर पुलिस के अधिकारी जब ट्रेडर बनकर कॉल सेंटर पहुंचे तो वहां काम कर रही युवतियों ने उन्हें संभावित ग्राहक समझ लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने उनसे Form भरवाया और Fake Calling Numbers भी साझा किए। इससे टीम को कॉल सेंटर के काम करने के तरीके की अहम जानकारी मिल गई।
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पुलिस ने जब ठगी के पूरे Pattern की जानकारी जुटा ली तो बाहर मौजूद टीम को संकेत दिया गया। इसके बाद अधिकारियों को सूचना देकर अतिरिक्त फोर्स मौके पर बुलाया गया। गुरुवार रात करीब 9 बजे छापेमारी होते ही कॉल सेंटर में अफरा-तफरी मच गई।

भारतीयों के साथ विदेशी नागरिक भी निशाने पर

पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि कॉल सेंटर से सिर्फ भारतीयों को ही निशाना नहीं बनाया जा रहा था। आरोपियों पर अमेरिकी नागरिकों से भी ठगी करने का आरोप है। इसके लिए खुद को Apple और Customer Support से जुड़ा बताकर लोगों से संपर्क किया जाता था। Online Trading और Investment के नाम पर पहले लोगों का भरोसा जीता जाता था। इसके बाद उन्हें ज्यादा मुनाफे का लालच देकर रकम लगाने के लिए तैयार किया जाता था। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क से बड़ी रकम की ठगी की गई है।

कंप्यूटर, लैपटॉप और Digital Data जब्त

छापेमारी के दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर से कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल से जुड़ा डेटा, दस्तावेज और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। जब्त Digital Devices की Forensic जांच कराई जा रही है।
जांच के जरिए पुलिस कॉल सेंटर से जुड़े Bank Transactions, Calling Data और दूसरे लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है। इससे ठगी के नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के बाद कॉल सेंटर से जुड़े दूसरे लोगों और ठगी के पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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