बुजुर्गों-विधवाओं व दिव्यांगों के खिले चेहरे, धामी सरकार ने खोला पिटारा, ऐसे भेजी 9.87 लाख लोगों को पेंशन
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने डीबीटी से 146 करोड़ 32 लाख रुपये की धनराशि लोगों के खाते में भेजी, बोले- अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारा लक्ष्य, समाज का कमजोर वर्ग सरकार के परिवार का हिस्सा
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 8 अगस्त 2026ः
बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को पेंशन के लिए किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए उत्तराखंड की धामी सरकार व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बना रही है। इसी कड़ी में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं के 9 लाख 87 हजार 17 लाभार्थियों को उनकी पेंशन का डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया। सरकार ने लाभार्थियों के खातों में कुल 146 करोड़ 32 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि भेजी।
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पेंशन की राशि समय से और पारदर्शी तरीके से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। धामी ने कहा कि समाज का कमजोर वर्ग सरकार के परिवार का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि बुजुर्ग माता-पिता, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को पेंशन के लिए किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार व्यवस्था को सरल व पारदर्शी बनाने पर जोर दे रही है। कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को समय पर और सम्मानपूर्वक उसका अधिकार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ उत्तराखंड को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि जुलाई की पेंशन किश्त के तहत 9,87,017 लाभार्थियों को भुगतान किया गया है। इनमें ग्रामीण विकास मंत्रालय, केंद्र सरकार के राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के करीब 2.15 लाख पेंशनर भी शामिल हैं। इन लाभार्थियों को वर्तमान में एसएनए स्पर्श प्रणाली के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। इस मौके पर सचिव समाज कल्याण श्रीधर बाबू अद्दांकी, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया, अपर सचिव सुन्दरलाल सेमवाल, निदेशक संजय कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।





