
गोरखपुर, 10 अगस्त 2026:
गोरखपुर की सड़कों पर सोमवार को राष्ट्रभक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिला। हाथों में तिरंगा लिए हजारों लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ Tiranga Yatra में शामिल हुए। यात्रा के दौरान भारत माता की जय, वंदे मातरम् के उद्घोष के साथ मेरा रंग दे बसंती चोला जैसे गीतों से पूरा माहौल देशभक्ति से भर गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा सिर्फ एक झंडा नहीं, बल्कि देश की आन, बान, शान और आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों के बलिदान की पहचान है।
रानी लक्ष्मीबाई पार्क से शुरू हुई यात्रा
मुख्यमंत्री ने नगर निगम परिसर स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा की शुरुआत की। उनके साथ तमाम छात्र थे वहीं सांसद रवि किशन, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक संगठन, व्यापारी और आम नागरिक भी मौजूद रहे। रास्ते भर लोगों ने तिरंगा लहराकर यात्रा का स्वागत किया और कई स्थानों पर फूल बरसाए गए।
राष्ट्रध्वज का सम्मान हर नागरिक की जिम्मेदारी
यात्रा शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज, वंदे मातरम् और राष्ट्रगान का सम्मान करना हर भारतीय का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आजादी का संघर्ष आसान नहीं था। देश के अनगिनत क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों ने जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्र को सर्वोपरि रखा। आज तिरंगे का सम्मान करके ही हम उनके बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।
काकोरी कांड को अंग्रेजों ने डकैती कहा, पिछली सरकारों ने क्रांतिकारियों को डकैत पढ़ाया गया
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर निशाना भी साधा। कहा कि दुर्भाग्य है कि देश की आजादी से 2022 तक देश के क्रांतिकारियों को डकैत पढ़ाया गया। क्रांतिकारी किसी भी युवा के लिए प्रेरणा होते हैं। किसी युवा से उसके आदर्श को छीन लो, इसका मतलब है कि उनको गौरव के पलों से दूर रखा गया। इसलिए उन्हें गौरव से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ने तिरंगा यात्रा शुरू की। काकोरी कांड को अंग्रेजों ने डकैती कहा था। 1947 में देश की आजादी के बाद से 2022 तक देश में काकोरी ट्रेन की घटना को डकैती की घटना पढ़ाया जाता रहा। क्रांतिकारियों का इससे बड़ा अपमान क्या हो सकता है। हमारे प्रधानमंत्री ने इसे भारत की आजादी का मंत्र बताया।

हर घर तिरंगा अभियान में बढ़-चढ़कर जुड़ने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुआ हर घर तिरंगा अभियान लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत कर रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस बार भी अपने घरों, दुकानों, संस्थानों और प्रतिष्ठानों पर सम्मान के साथ तिरंगा फहराने की अपील की। उन्होंने लोगों से तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर अभियान को आगे बढ़ाने का भी आग्रह किया।
पांच करोड़ घरों तक तिरंगा पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश में पांच करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी, अर्द्धसरकारी, निजी संस्थानों, उद्योगों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और आम लोगों के घरों तक यह अभियान पहुंचाया जाएगा, ताकि हर नागरिक राष्ट्रध्वज के सम्मान से जुड़ सके।

काकोरी से चौरीचौरा तक के बलिदानियों को किया याद
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन के कई ऐतिहासिक पड़ावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 1905 के स्वदेशी आंदोलन से लेकर स्वतंत्र भारत तक राष्ट्रीय ध्वज का स्वरूप बदलता रहा और आखिरकार धर्मचक्र युक्त तिरंगे को देश का राष्ट्रध्वज बनाया गया। उन्होंने मंगल पांडेय, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, बंधू सिंह, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी समेत कई क्रांतिकारियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि काकोरी की घटना को सिर्फ डकैती कहना उनके बलिदान का अपमान होगा। वह आजादी की लड़ाई को नई ताकत देने वाला ऐतिहासिक अभियान था।

इन रास्तों से निकली तिरंगा यात्रा
तिरंगा यात्रा रानी लक्ष्मीबाई पार्क से शुरू होकर टाउनहॉल, गोलघर, यातायात तिराहा होते हुए रेलवे स्टेशन के सामने स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा तक पहुंची। मुख्यमंत्री ने रास्ते में महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, राजेंद्र प्रसाद और महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं पर भी माल्यार्पण किया। अंतिम पड़ाव पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि के साथ यात्रा का समापन हुआ।






